
रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत ने ऐसा फैसला सुनाया, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। दो शादियों के बाद पैदा हुए विवाद में पंचायत ने पति के रहने का पूरा साप्ताहिक कार्यक्रम तय कर दिया।
बताया जा रहा है कि युवक की पहली शादी करीब 14 साल पहले हुई थी, जिससे उसके दो बच्चे हैं। बाद में उसने पहली पत्नी की सहमति के बिना दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी से भी उसके बच्चे हैं। आरोप है कि दूसरी शादी के बाद युवक अधिकतर समय दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा, जिससे पहली पत्नी ने उपेक्षा और खर्च नहीं मिलने की शिकायत की।
पंचायत ने तय किया ‘3-3 दिन का फॉर्मूला’
मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई। लंबी बातचीत के बाद पंचायत ने लिखित समझौते के तहत फैसला दिया कि पति सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी, तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि सातवां दिन अपनी इच्छा के अनुसार बिताएगा।
पहली पत्नी के खर्च की भी तय हुई जिम्मेदारी
समझौते में यह भी तय किया गया कि पति पहली पत्नी के लिए हर महीने राशन उपलब्ध कराएगा और उसके साप्ताहिक घरेलू खर्च की जिम्मेदारी भी उठाएगा। पंचायत का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करना बताया गया।
दोनों पक्षों ने मानी बात
बताया जा रहा है कि पंचायत के फैसले पर दोनों पक्ष सहमत हो गए। इसके बाद पहली पत्नी ने अपनी शिकायत आगे नहीं बढ़ाई। स्थानीय पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की सहमति से समझौता होने के बाद मामले का निपटारा शांतिपूर्ण तरीके से कर दिया गया।
पंचायत का यह अनोखा फैसला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।



