
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड की आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार करने वाली महिला सब-इंस्पेक्टर खुद विभागीय कार्रवाई के घेरे में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और पोस्ट को लेकर पुलिस विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। अब पूरे मामले की विभागीय और साइबर स्तर पर जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई कार्रवाई
महिला दरोगा पर आरोप है कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसी सामग्री मौजूद थी, जिसे लेकर पुलिस विभाग ने आपत्ति जताई। शिकायत सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच के बाद महिला दरोगा को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी तरह की एडिटिंग की गई है।
चर्चित हत्याकांड में की थी आरोपी की गिरफ्तारी
महिला सब-इंस्पेक्टर वही अधिकारी हैं, जिन्होंने मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी महिला को गिरफ्तार किया था। उस समय वह संबंधित थाने में तैनात थीं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। अब महिला दरोगा के अपने सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के बाद अधिकारियों ने लिया संज्ञान
बताया जा रहा है कि एक सोशल मीडिया यूजर की शिकायत के बाद महिला दरोगा के अकाउंट पर मौजूद पोस्ट और वीडियो अधिकारियों की नजर में आए। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई।
पुलिस अब संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और उस पर मौजूद सामग्री की पड़ताल कर रही है।
साइबर टीम भी कर रही जांच
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में साइबर स्तर पर भी जांच कराई जा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि वायरल वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ या एडिटिंग तो नहीं की गई।
साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री पुलिस विभाग की आचार संहिता और सोशल मीडिया से जुड़े नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
महिला दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। फिलहाल निलंबन को प्रारंभिक कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यानी अभी सोशल मीडिया पर वायरल दावों को अंतिम सच मानना जल्दबाजी होगी।



