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Zara, Levis और… ब्रांडेड कंपनियों के नकली टैग लगा बनाते थे कपड़े, 1919 शर्ट जब्त; दिल्ली में पकड़ी गई फैक्ट्री

Zara, Levis और... ब्रांडेड कंपनियों के नकली टैग लगा बनाते थे कपड़े, 1919 शर्ट जब्त; दिल्ली में पकड़ी गई फैक्ट्री

दिल्ली में नकली ब्रांडेड कपड़े बनाने वाली कंपनी में छापा

दिल्ली में पश्चिम जिला पुलिस की जांच इकाई (DIU) ने नकली ब्रांडेड कपड़ों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टोडापुर इलाके में चल रही एक अवैध गारमेंट यूनिट का पर्दाफाश किया है. इस दौरान पुलिस ने नामी ब्रांड ZARA, USPA और Levis के कुल 1,919 नकली कपड़े बरामद किए. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई.

पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों की पुष्टि और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद DIU की टीम ने 7 जनवरी 2026 को टोडापुर स्थित एक परिसर में छापा मारा था. छापेमारी के दौरान मौके से ZARA के 1,050, USPA के 650 और Levis के 213 नकली शर्ट जब्त किए गए. इसके अलावा तीनों ब्रांड के 6 सैंपल शर्ट भी बरामद हुए. कुल मिलाकर पुलिस ने 1,919 नकली परिधान अपने कब्जे में लिए.

नकली ब्रांडेड कपड़ों का भंडारण

इस मामले में आरोपी की पहचान राजीव नागपाल, रोहिणी, दिल्ली के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. आरोपी के खिलाफ थाना इंद्रपुरी में ट्रेड मार्क्स एक्ट और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.

कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस ने जारी प्रेस नोट में बताया गया कि यह कार्रवाई टोडापुर, दिल्ली में स्थित एक अपर-ग्राउंड प्रिमाइस पर की गई. छापेमारी के दौरान पाया गया कि बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड कपड़ों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था. पुलिस ने मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान राजीव नागपाल के रूप में हुई.

शिकायत के बाद हुआ एक्शन

यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ब्रांड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई. शिकायत में कहा गया था कि पश्चिमी दिल्ली में बड़े पैमाने पर नकली कपड़ों का निर्माण और बिक्री का खेल चल रहा है. शिकायत की गहन जांच, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट दस्तावेजों के सत्यापन एवं ट्रेड मार्क्स एक्ट के तहत रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेड मार्क्स से राय मिलने के बाद कार्रवाई की गई. डीआईयू वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने छापेमारी की योजना बनाई थी.

मौके पर मौजूद रहे कई अधिकारी

वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की जांच यूनिट द्वारा 7 जनवरी 2026 को कार्रवाई की गई. छापेमारी कार्रवाई का नेतृत्व एसआई वंदना ने किया. टीम में एसआई उदयवीर सिंह और हेड कांस्टेबल ऋषिराज शामिल थे. पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर डीआईयू/वेस्ट के नेतृत्व में एसीपी/डीआईयू विजय सिंह की निगरानी में और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई. छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे. पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत हुई.

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