
BNS Act Publish Place: भारतीय युवाओं में रील का क्रेज बहुत तेजी से चढ़ा. हर जगह युवा रील बनाते हुए दिख जाएंगे, लेकिन किसी पब्लिक प्लेस पर अचानक कैमरा चालू कर देना दंडनीय अपराध है. ऐसे में रील बनाना महंगा पड़ सकता है. ऐसे में रीलबाजों को भारतीय कानून को जान लेना चाहिए.
भारत में पब्लिक प्लेस पर लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन हो सकता है. क्योंकि आपके कैमरे में अनजान लोग भी कैद हो जाते हैं. जो IT एक्ट की धारा 66E के तहत दंडनीय अपराध है.
भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जहां आप जा तो सकते हैं, लेकिन फोटो-वीडियो लेना मना है. अगर आप ऐसी जगह पर रीलबाजी करते हैं तो यह निषेधाज्ञा की अवहेलना होगी. ऐसे में BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी.
पब्लिक प्लेश में आजकल लोग रील बनाते समय मर्यादा भूल जाते हैं. इसमें ज्यादातर यंग लड़कियां और लड़के शामिल हैं. इसके कई नमूने राजधानी दिल्ली में मिलते हैं. पब्लिक प्लेश पर आपत्तिजनक कंटेंट पब्लिश करना IT एक्ट की धारा 67 के तहत कानून अपराध है.
मेट्रो रेल, इंडियन रेलवे में कई बिना अनुमति के रील बनाते हुए पाए गए हैं. इसके अलावा रेलवे की संपत्ति पर अनऑथराइज्ड तरीके से प्रवेश या सूटिंग भी दंडनीय अपराध है.
पिछले कुछ सालों में ड्रोन कैमरे आ गई हैं. जो हाई एंगल व्यूज के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ऐसी स्थिति कई बार कैमरा अनवांटेड दृष्य कवर लेता है. ये दृष्य किसी व्यक्ति या प्रतिबंधित जगहों का हो सकता है. इसलिए बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना कानून अपराध है.
भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) द्वारा संरक्षित स्थल पर बिना अनुमति के फोटो-वीडियो बनाने पर एक्शन हो सकता है. इसलिए सावधानी बरतना चाहिए.




