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‘अभी तो बैठे-बैठे खा रहे थे…’, BJP के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर अखिलेश यादव का तंज; मची खलबली!

Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav Attack On Bjp Over Brahman Mla Meeting

Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज माघ मेले में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति नहीं लगने पर योगी सरकार पर निशाना साधा है और कहा कि अगर अधिकारियों ने नियम बदल दिया तो हम भगवान की मूर्ति लगाएंगे। वहीं उन्होंने ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर भी सीएम योगी पर तंज कसा है। सपा अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में माघ मेले में मूर्ति नहीं लग पाने पर कहा कि कई अधिकारी चापलूसी रोटी बनाने में लगे हैं वह किस नियम में है?

अखिलेश यादव यहीं नहीं रूके, राज्य सरकार और उनके अधिकारियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जो चापलूसी बन रही है वह किस नियम में है, अगर अधिकारी या नियम बदल रहे हैं तो हम लोग सभी भगवानों की मूर्ति वहां लगाएंगे साथ ही साथ जो आयोजन है या जो आयोजन कर रहे हैं, मैं उनसे कहूंगा कि हमारे केदारेश्वर मंदिर की भी वहां स्थापना करें।

ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर अखिलेश का तंज

सपा अध्यक्ष ने इस दौरान पार्टी दफ्तर में बाटी चोखा सहभोज के आयोजन पर कहा कि वो इस कार्यक्रम के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहते हैं। हम कार्यकर्ताओं को बधाई देंगे कि कार्यकर्ताओं ने बाटी चोखा का जो कार्यक्रम किया वो अच्छा है। हम सब का एक दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार है हम, सब एक दूसरे के साथ मिलजुल कर बैठते हैं यही हमारी संस्कृति है यही हमारा सम्मान है।

इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर भी तंज कसा और कहा कि अभी तो वो विधायक बैठे-बैठे खा रहे थे अगर वह विधायक सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा? सरकार के विधायक अगर उनके खिलाफ खड़े हो गए तो सरकार का क्या होगा?

SIR को लेकर सपा नेता का सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने एसआईआर को लेकर भी सीएम योगी पर हमला किया और कहा कि जिस समय मुख्यमंत्री ने कहा था 4 करोड़ वोट उनके कट गए हैं। इस समय जो आंकड़े आ रहे हैं वह साबित कर रहे हैं कि इलेक्शन कमीशन को और अधिकारियों को अपने क्रेडिबिलिटी को साबित करना पड़ेगा। क्योंकि अगर आंकड़ों में फर्क आएगा तो चुनाव आयोग को सोचना होगा कि इंटेंसिव प्रोविजन का मतलब क्या होगा?

अधिकारी और चुनाव की क्रेडिबिलिटी का सवाल है कि ऐसे आंकड़ों पर जो लोग शामिल हैं। टेक्नोलॉजी में आखिर वह कहीं किसी हेरा फेरी की तैयारी में तो नहीं है मुख्यमंत्री के इशारे के बाद कहीं बेईमानी की तैयारी में तो नहीं हो रही है।

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