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आज 2025 के रुखसत की बेला है।12 महीने बीत गए लेकिन सच कहें तो ऐसा लग रहा है जैसे ये सब कल की ही बात हो। ये हंसी, ये बातें, ये वो पल जो अब यादों में दर्ज हो चुके हैं और मुझे यकीन है आपको भी ये तमाम लम्हे याद आ रहे होंगे। लेकिन एक सवाल है क्या वाकई हमें सब कुछ याद रहता है? या फिर आजकल हम छोटी-छोटी बातें जल्दी भूलने लगे हैं? यादें तो दिल में रहती हैं लेकिन दिमाग आजकल जरा जल्दी थकने लगा है। कभी चाबी रखकर भूल जाना, कभी फोन लेकर ये भूल जाना कि कॉल करना किसे था और कभी नाम याद नहीं आना। और ये परेशानी सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं है। छोटे बच्चे हों, युवा हों, या बुजुर्ग हर उम्र में भूलने की शिकायत बढ़ रही है और ये सिर्फ महसूस नहीं किया जा रहा ये रिसर्च में भी सामने आ चुका है।
बिल्कुल आज देश में करीब 60 फीसदी लोग छह घंटे से भी कम सो रहे हैं। नींद पूरी नहीं होने से दिमाग को आराम नहीं मिल रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक नींद सिर्फ आराम नहीं देती, नींद दिमाग की मरम्मत करती है। नींद कम होगी तो ब्रेन फॉग होगा, ध्यान भटकेगा, याददाश्त कमजोर होगी और ऊपर से स्क्रीन की लत, मोबाइल, लैपटॉप, सोशल मीडिया। डॉक्टर्स के मुताबिक तो स्क्रीन की आदत दिमाग के ‘रिवॉर्ड सर्किट’ में डोपामाइन को बिगाड़ रही है।
इतना ही नहीं 2025 में हुई एक स्टडी के मुताबिक 56% यूथ में कंसंट्रेशन यानि ध्यान लगाने की कपैसिटी कम पाई गई तो वहीं, स्क्रीन टाइम आठ घंटे तक पहुंच चुका है। लेकिन राहत की बात भी है दिमाग कमजोर होना कोई पैदाइशी सजा नहीं है। सही नींद, कम स्क्रीन और सही खानपान दिमाग को फिर से तेज बना सकता है। तो जब हम 2025 को अलविदा कह रहे हैं तो चलिए भूलने की आदत को भी यहीं छोड़ देते हैं। नए साल की शुरुआत तेज दिमाग, अच्छी नींद और बेहतर आदतों के साथ करते हैं क्योंकि याददाश्त सिर्फ यादें संभालने के लिए नहीं होती। याददाश्त जिंदगी संभालने के लिए भी होती है।
मन खुश रहें तंदुरुस्त
बॉडीपेन कम होता है।
मेंटल स्ट्रेस घटता है।
बीपी बैलेंस होता है।
हैप्पीनेस दिल बनाए स्ट्रॉन्ग
खुश रहने से 26% तक हार्ट डिजीज़ घटते हैं। इसके अलावा हार्ट अटैक का खतरा भी 73% कम होता है। इसके साथ ही 8 साल तक बढ़ती है उम्र।
सेहत का मंत्र, खुश रहें
बॉडी की हीलिंग पावर बढ़ती है।
वर्क कपैसिटी 72% ज्यादा बढ़ता है।
इम्यूनिटी 52% बढ़ती है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)




