Grahan Yog june 2026: ज्योतिष शास्त्र में कई शुभअशुभ योगों का वर्णन किया गया है। जिनमें से ग्रहण योग बेहद अशुभ योग माना जाता है। कहते हैं जिसकी कुंडली में इस योग का निर्माण होता है ऐसे व्यक्ति का जीवन संघर्षों में बीतता है। इस योग के कारण सफलता पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है और हमेशा मानसिक तनाव बना रहता है। 6 जून को जैसे ही चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे वैसे ही वे राहु के साथ मिलकर ग्रहण योग बनाएंगे। ये योग 8 जून तक बना रहेगा। जानिए इस योग से किन राशियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

कहते हैं जब मन के कारक चंद्र देव मायावी और पापी ग्रह राहु के साथ युति करते हैं, तो इसका कुछ राशियों पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चलिए जानते हैं इस युति से किन 3 राशियों के लोगों को फूंकफूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
मेष राशि
6 से 8 जून तक का समय आपके लिए थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है। इस अवधि में किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें क्योंकि धोखा मिल सकता है। आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। बिजनेस में काफी नुकसान होने के भी आसार रहेंगे। इस दौरान कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचना होगा। कार्यस्थल पर झगड़ा करने से बचें। ऑफिस की राजनीति का शिकार हो सकते हैं। अचानक से खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के मानसिक तनाव काफी बढ़ सकते हैं। नौकरी में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको कार्यस्थल पर बेहद सतर्क रहने की जरूरत होगी। वर्तमान नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है। 6 से 8 जून के बीच नौकरी या बिजनेस में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें नहीं तो नुकसान हो सकता है। इसके अलावा इस दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर भी पारदर्शिता बनाए रखें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए भी ग्रहण योग परेशानियां बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। बिजनेस में अचानक से मंदी आ सकती है। 6 से 8 जून के बीच कोई भी बड़ी डील करने से बचें। काम को लेकर जरा सभी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। पैसों के लेनदेन में विशेष सावधानी बरतनी की सलाह है और जितना हो सके विवादों से दूर रहें।
ग्रहण योग के बुरे प्रभावों से कैसे बचें?
यदि आपकी राशि भी ऊपर दी गई राशियों में शामिल है तो नीचे दिए गए उपाय जरूर करें जिससे ग्रहण योग का बुरा प्रभाव न पड़ सके…
- नियमित रूप से शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। कहते हैं इससे राहु दोष शांत होता है।
- सोमवार के दिन दूध, चावल या चीनी का दान करें।
- रोज सुबह या शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें।



