अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं और आकलन वर्ष 202627 के लिए आयकर रिटर्न भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके मन में एक सवाल जरूर आ सकता है—ITR1, ITR2, ITR3 और ITR4 में से कौनसा फॉर्म आपके लिए सही रहेगा?

ITR फाइलिंग सीजन शुरू हो चुका है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि सही ITR फॉर्म का चयन आपकी उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि आपकी आय के स्रोत और आय की प्रकृति के आधार पर होता है. गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, जिससे नोटिस, देरी या अन्य अनुपालन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कौनसा ITR फॉर्म लागू होता है?
ITR1
यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और आय का स्रोत वेतन, पेंशन, अधिकतम दो मकान तथा ब्याज जैसी अन्य आय है. इसके अलावा 5,000 रुपये तक कृषि आय और सूचीबद्ध शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड से 1.25 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ भी इसमें शामिल किया जा सकता है.
ITR2
यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की आय में पूंजीगत लाभ , दो से अधिक मकान, विदेशी संपत्ति, विदेशी आय, 5,000 रुपये से अधिक कृषि आय, गैरसूचीबद्ध शेयर या कंपनी में निदेशक पद शामिल है, तो उसे ITR2 भरना होगा.
ITR3
यदि रिटायरमेंट के बाद भी कोई व्यक्ति कंसल्टेंसी, फ्रीलांसिंग, प्रोफेशनल प्रैक्टिस या व्यवसाय से आय कमा रहा है, तो उसे ITR3 दाखिल करना पड़ सकता है.
ITR4
यह फॉर्म उन करदाताओं के लिए है जो अनुमानित कराधान योजना का विकल्प चुनते हैं और जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है.
वरिष्ठ नागरिक अक्सर कौनसी गलतियां करते हैं?
कर विशेषज्ञ सीए डॉ. सुरेश सुराना के अनुसार, कई वरिष्ठ नागरिक यह मान लेते हैं कि पेंशन मिलने के कारण उन पर हमेशा ITR1 ही लागू होगा. लेकिन यदि उन्हें म्यूचुअल फंड, शेयर बिक्री या संपत्ति से पूंजीगत लाभ हुआ है, तो ITR1 लागू नहीं हो सकता.
इसके अलावा कई रिटायर्ड लोग कंसल्टेंसी या प्रोफेशनल सेवाओं से आय अर्जित करते हैं, लेकिन फिर भी ITR1 या ITR2 भर देते हैं. ऐसे मामलों में ITR3 या ITR4 उपयुक्त हो सकता है.
विदेशी आय और संपत्ति को नजरअंदाज न करें
यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को विदेश से पेंशन मिलती है, उसके पास विदेशी बैंक खाता है या विदेशी संपत्ति है, तो उसे ITR2 या ITR3 दाखिल करना पड़ सकता है. ऐसे मामलों में अतिरिक्त जानकारी देना भी अनिवार्य होता है.
Form 26AS, AIS और TIS जरूर जांचें
रिटर्न दाखिल करने से पहले Form 26AS, Annual Information Statement और Taxpayer Information Summary की जांच करना बेहद जरूरी है. वरिष्ठ नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेंशन आय, बैंक एफडी का ब्याज, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना का ब्याज, डिविडेंड आय, म्यूचुअल फंड या शेयरों की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ और टीडीएस की जानकारी सही तरीके से दर्ज हो.
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल AIS में दिखाई गई जानकारी पर भरोसा न करें. बैंक स्टेटमेंट, Form 16/16A और वास्तविक आय के आंकड़ों से मिलान करना जरूरी है, ताकि रिटर्न दाखिल करते समय किसी तरह की गलती न हो.
कुल मिलाकर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सही ITR फॉर्म का चयन आय के स्रोतों पर निर्भर करता है. रिटर्न भरने से पहले अपनी आय की प्रकृति को अच्छी तरह समझ लेना भविष्य की परेशानियों से बचा सकता है.



