भारतीय कुश्ती महासंघ ने गुरुवार को अंडर 20 एशियाई चैम्पियनशिप के ट्रायल्स विजेता दीपांशु समेत पांच पहलवानों को चार साल के लिए निलंबित कर दिया है। इन सभी पहलवानों के जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया के दौरान फर्जी पाए गए। थाइलैंड के पटाया में 27 जून से होने वाली चैम्पियनशिप के लिए बुधवार को पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज करने वाले दीपांशु की जगह पवन बालाजी धायगुड़े को जगह दी गई है ।

तनुज अंतिल, बलजोत सिंह, निखिल दलाल और 86 किलोवर्ग के फाइनल में पहुंचने वाले साकेत ड्राल को भी निलंबित किया गया है। फाइनल से उसे हटाकर साहिल दलाल को जगह दी गई थी जिसने भारतीय टीम में स्थान पाया। द्वारा जारी आदेश में महासंघ ने कहा कि राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप में भागीदारी की पात्रता हासिल करने के लिये पहलवानों द्वारा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जमा करने को उन्होंने काफी गंभीरता से लिया है ।
डब्ल्यूएफआई ने आगे कहा कि हाल के महीनों में कई मामलों में जन्म प्रमाण पत्रों में विसंगतियां सामने आई हैं जिसके चलते निलंबन हुए और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया में भी ये मामले छाए रहे। महासंघ ने अपने नोटिस में कहा,”कार्रवाई होने के बावजूद भी कुछ पहलवान राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में फर्जी दस्तावेज जमा करते रहे। रजिस्ट्रार , नगर निगम, चंडीगढ़ के साथ किए गए सत्यापन से इस बात की पुष्टि हुई है कि पांच पहलवानों द्वारा जमा किए गए जन्म प्रमाण पत्र असली नहीं थे और संबंधित रिकॉर्ड सरकारी रजिस्टरों में नहीं मिल पाए।”
रेफरी पर भी कसा शिकंजा
ने इन पहलवानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की और उन्हें कुश्ती से जुड़ी सभी गतिविधियों से त्वरित प्रभाव से चार साल के लिए निलंबित कर दिया। एक अन्य घटनाक्रम में महासंघ ने डब्ल्यूएफआई रैफरी आयोग के सदस्य रेफरी जयबीर को 31 मई को लखनऊ में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के दौरान बदसलूकी और हितों के कथित टकराव को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस के अनुसार जयबीर को ट्रायल्स के लिए रैफरी नियुक्त किया गया था और वे उस मैट पर यह भूमिका निभा रहे थे, जहां ग्रीको रोमन मुकाबले आयोजित किए जा रहे थे। उनके बेटे रौनक दहिया ने 130 किलोग्राम ग्रीको रोमन श्रेणी में हिस्सा लिया था। महासंघ ने आरोप लगाया कि 130 किलोवर्ग के आखिरी मुकाबले में जयबीर ने रैफरी की किट हटाकर अपने बेटे के कोच की भूमिका निभाई जबकि टूर्नामेंट से बतौर रैफरी जुड़े रहे ।
जयबीर को 10 जून तक यह स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। जयबीर इस समय मंगोलिया में तीसरे रैकिंग टूर्नामेंट में हैं जो 9 जून को खत्म होगा। इसके बाद महासंघ का फैसला आने तक वह अस्थायी तौर पर निलंबित रहेंगे।
विनेश के खिलाफ एशियन गेम्स ट्रायल्स को लेकर WFI की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कहा इसका कोई मतलब नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के उस अपील को खारिज कर दी जिसमें हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाजत दी थी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अब ट्रायल हो चुके हैं ऐसे में यह मामला बेमानी हो चुका है।



