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बाराबंकी: निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद युवक की मौत, परिजनों ने किया जोरदार हंगामा

बाराबंकी: बड़ेल स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक श्रमिक की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने शव को निजी वाहन से कोठी क्षेत्र के डफरापुर मजरे सैदनपुर गांव भेज दिया. इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने बुधवार को सड़क पर उतर आए. जिसके बाद कोठी पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें शांत कराया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

कोठी थाना क्षेत्र के डफरापुर गांव निवासी बिंदेश्वरी रावत के मुताबिक, उनके पति अरविंद रावत (30‌ वर्ष) अयोध्या में मजदूरी करते थे. काम के दौरान उन्हें सिर में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए. स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बावजूद जब कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 27 दिसंबर को शहर के बड़ेल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

अरविंद की पत्नी बिंदेश्वरी रावत के अनुसार, अस्पताल ने इलाज, ऑपरेशन और अन्य जांचों के नाम पर करीब चार लाख रुपये की मांग की. यह धनराशि परिवार ने गहने, भैंस और जमीन बेचकर जुटाई थी. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के तीन दिन बाद 30 दिसंबर की रात अरविंद की अस्पताल परिसर में ही मौत हो गई.

बिंदेश्वरी रावत ने बताया कि पति की मौत के बाद अस्पताल संचालक डॉ. शैलेंद्र वर्मा की सलाह पर स्टाफ ने शव देने से पहले दो लाख रुपये और मांगने आरोप है. परिवार ने असमर्थता जताई. अस्पताल ने एक निजी वाहन से शव को गांव पहुंचा दिया. शव गांव पहुंचने और अस्पताल के रवैये से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण बुधवार को सड़क पर आ गए और अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे.

सूचना मिलने पर कोठी इंस्पेक्टर अमित सिंह भदौरिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. उन्होंने बताया कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल प्रशासन से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई. मगर कोई भी कर्मचारी व स्टाफ का आदमी ने फोन नहीं उठाया है.

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