सोने की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. वायदा कारोबार में सोना 1,221 रुपये टूटकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है, जिसके चलते पर दबाव देखने को मिला.

MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना लुढ़का
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अगस्त डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध का भाव 1,221 रुपये यानी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,58,326 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इस दौरान 8,346 लॉट का कारोबार दर्ज किया गया.
विश्लेषकों के अनुसार, हाल के दिनों में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की. इसका असर वायदा बाजार में साफ दिखाई दिया.
पश्चिम एशिया का तनाव बना चिंता का विषय
चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल विश्लेषक पिंकी यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगातार बने हुए भूराजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सतर्क बना दिया है. बाजार की नजर इस बात पर है कि इन घटनाओं का महंगाई और वैश्विक ब्याज दरों पर क्या असर पड़ सकता है.
उन्होंने बताया कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं. यही वजह है कि सोने में उतारचढ़ाव बढ़ गया है.
डॉलर इंडेक्स में स्थिरता का भी असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुरक्षित निवेश की मांग बनी रहने के कारण डॉलर इंडेक्स 99.4 के आसपास स्थिर रहा. आमतौर पर मजबूत डॉलर का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है, क्योंकि इससे अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है और मांग कमजोर पड़ सकती है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
घरेलू बाजार के साथसाथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. न्यूयॉर्क के कॉमेक्स एक्सचेंज में अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा 16.63 डॉलर यानी 0.37 प्रतिशत गिरकर 4,488.37 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा.
आगे क्या रहेगी नजर?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों, महंगाई के आंकड़ों, डॉलर की चाल और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर रहेगी. इन कारकों के आधार पर सोने की कीमतों में आगे भी उतारचढ़ाव जारी रह सकता है.



