विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कई अहम मुद्दों पर जानकारी दी और कई सवालों के जवाब दिए. इन अहम मुद्दों में भारतरूस रक्षा संबंध, अमेरिकी डिपोर्टेशन और बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी अहम रहे. भारतरूस रक्षा संबंध और Su57 फाइटर जेट कार्यक्रम से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा कि रूस के साथ भारत के रक्षा संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं. हालांकि, इस विशेष कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उन्होंने रक्षा मंत्रालय का रुख करने को कहा.

वहीं अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन पर जायसवाल ने बताया कि इस साल अब तक 1,076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया है, जबकि पिछले साल यह संख्या 3,567 थी. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच माइग्रेशन और मोबिलिटी को लेकर चर्चा जारी है, जिसमें अवैध प्रवासन पर रोक लगाने और साथ ही कानूनी प्रवासन पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इस पर फोकस किया जा रहा है.
बांग्लादेशी नागरिकों पर सख्त रुख
अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों सहित अन्य विदेशियों से निपटने को लेकर जायसवाल ने साफ किया कि भारत के पास कानून हैं और उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि डिपोर्टेशन के लिए एक द्विपक्षीय व्यवस्था है, जिसके तहत भारत ऐसे मामले बांग्लादेशी पक्ष को नागरिकता की पुष्टि के लिए भेजता है. पुष्टि मिलने के बाद ही वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू होती है. जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेशी पक्ष के पास अभी भी कई आवेदन लंबित हैं और भारत उम्मीद करता है कि इन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी, ताकि निर्वासन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके.
संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचाने बांग्लादेश
विदेश मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि भारत ने बांग्लादेश से कहा है कि वह देश में गैरकानूनी रूप से रह रहे 2,860 से ज़्यादा संदिग्ध बांग्लादेशियों की नागरिकता की पुष्टि करे.
त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने बिना कागजात वाले प्रवासियों की समस्या से निपटने को प्राथमिकता दी है और गैरकानूनी घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजने पर ध्यान केंद्रित किया है.
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