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Ghazipur Encounter: नई दुल्हन की मेहंदी अभी उतरी भी नहीं, पति कमलेश का एनकाउंटर… शादी के 37 दिन बाद छिन गया मनीषा का सुहाग

Ghazipur Kamlesh Bind Encounter: शादी को महज 37 दिन ही हुए थे. हाथों में लगी मेहंदी अभी भी हल्के रंग में बाकी थी. बिहार के मोहनिया से बड़ी धूमधाम से गाजीपुर के गोड़ा, सोहिलापुर गांव लाई गई नई दुल्हन मनीषा अपने पति कमलेश बिंद के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रही थी, लेकिन बुधवार रात पुलिस एनकाउंटर ने सब कुछ छीन लिया. मनीषा नर्सिंग की छात्रा है. कमलेश की भाभी गांव की प्रधान हैं. परिवार में खुशियां मनाई जा रही थीं, तभी 29 मई की रात होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या के मामले में कमलेश का नाम आ गया और 3 जून को पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया.

Ghazipur Encounter: नई दुल्हन की मेहंदी अभी उतरी भी नहीं, पति कमलेश का एनकाउंटर… शादी के 37 दिन बाद छिन गया मनीषा का सुहाग
Ghazipur Encounter: नई दुल्हन की मेहंदी अभी उतरी भी नहीं, पति कमलेश का एनकाउंटर… शादी के 37 दिन बाद छिन गया मनीषा का सुहाग

मेरे पति निर्दोष थे…

मनीषा ने पुलिस हिरासत में दिए बयान में दर्द भरी आवाज में कहा कि मेरे पति निर्दोष थे. बाहर आने के बोली पुलिस ने उन्हें रामपुर से जबरन उठाया. 30 मई को मुझे और मेरी जेठानी प्रधान अनीता को थाने में बैठाए रखा. मेरी आंखों के सामने पुलिस ने मेरे पति को बुरी तरह पीटा. फिर जंगल ले जाकर उनका एनकाउंटर कर दिया. रोते हुए मनीषा ने आगे कहा कि एक महीने पहले ही मेरी शादी हुई थी. हाथों की मेहंदी अभी नहीं उतरी. मेरा सुहाग छीन लिया गया. जिस तरह मेरे पति को मारा गया, वैसे ही एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर होना चाहिए.

भाई संजय बिंद का गुस्सा और दर्द

कमलेश के बड़े भाई संजय कुमार बिंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि 2930 मई की रात जब विनीत राय की हत्या हुई, उस समय मेरा भाई गांव में ही था. फिर भी झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया. फर्जी केस के डर से कमलेश रामपुर चला गया था. 2 जून को पुलिस ने उसे और गांव के दो लड़कों को जबरन उठा लिया. अगले ही दिन 3 जून को फर्जी एनकाउंटर कर दिया.

संजय ने और भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आलोक राय ने अपने बेटे की हत्या में कमलेश को फंसाया, क्योंकि कमलेश उनके होटल में होने वाले गंदे कामों का विरोध करता था. संजय का कहना है कि उस होटल में लड़कियों की जिस्मफरोशी होती है, बीयर बार में रोज मारपीट होती है. कमलेश और उसके दोस्त विरोध करते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया.

संजय ने बताया कि 30 मई सुबह पुलिस उनकी पत्नी अनीता ग्राम प्रधान और मनीषा को उठाकर ले गई. दोनों को थाने में प्रताड़ित किया गया. एनकाउंटर से पहले 2 जून की रात ढाई बजे दोनों को बीच सड़क पर छोड़ दिया गया. दोनों किसी तरह घर पहुंचीं.

CM योगी से न्याय की अपील

संजय कुमार बिंद ने भावुक होकर कहा कि मैं योगी जी से इंसाफ मांगूंगा. कोर्ट तक जाऊंगा. पुलिस आलोक राय का सीडीआर निकाले. अगर होटल में करोड़ों का टैक्स देते हैं तो CCTV क्यों नहीं लगवाया? CCTV होता तो सच सामने आ जाता. आलोक राय पर भी कार्रवाई हो. उनके होटल पर बुलडोजर चलना चाहिए. मेरे बेगुनाह भाई को मार दिया गया है.

बता दें कि 29 मई की रात गाजीपुर में चार बदमाशों ने विनीत राय को गोली मार दी थी. आलोक राय ने कटरा गैंग के शंकर पांडे, सोनू यादव, कमलेश बिंद और मोनू त्रिपाठी पर मुकदमा दर्ज कराया था. कमलेश पर एक लाख रुपए का इनाम था. पुलिस का कहना है कि वह मुठभेड़ में मारा गया, जबकि परिवार इसे फर्जी बता रहा है. शंकर पांडे, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी अभी फरार हैं. नई दुल्हन मनीषा अब विधवा बन गई है. गांव में शोक का माहौल है. एक तरफ विनीत राय परिवार न्याय मांग रहा है तो दूसरी तरफ कमलेश का परिवार फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहा है.

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