SBI म्यूचुअल फंड ने ओपन मार्केट ट्रांज़ैक्शन के जरिए US की GQG पार्टनर्स से अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में हिस्सेदारी खरीदी. यह सौदा 5,747 करोड़ रुपए की बताई जा रही है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ब्लॉक डील डेटा के अनुसार, SBI म्यूचुअल फंड ने अडानी ग्रुप की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में 1,64,39,984 शेयर खरीदे, जो लगभग 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं. इसके अलावा, SBI MF ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में भी 63,65,796 शेयर खरीदे, जो 0.52 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं. ये शेयर 1,504.80 रुपए से 2,913.40 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे गए, जिससे कुल ट्रांज़ैक्शन वैल्यू 5,747.55 करोड़ रुपए हो गई.

कंपनियों के शेयरों में आई तेजी
वहीं, राजीव जैन की GQG पार्टनर्स ने अपनी सहयोगी कंपनी GQG पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड के ज़रिए अडानी ग्रुप की इन दो कंपनियों में उतने ही शेयर बेचे. यह हिस्सेदारी खरीद पिछले महीने SBI म्यूचुअल फंड द्वारा अडानी की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में 1,435 करोड़ रुपए में 0.45 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के बाद हुई है. NSE पर अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 2.36 प्रतिशत बढ़कर 3,043 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए, जबकि अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर 3.87 प्रतिशत चढ़कर 1,578.80 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए.
2023 में किया था मोटा निवेश
यह हिस्सेदारी बिक्री अडानी ग्रुप के शेयरों में पिछले एक साल में आई जबरदस्त तेजी के बाद हो रही है. इस दौरान ग्रुप की कई कंपनियों ने 2023 में अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के बाद आई अस्थिरता से तेजी से उबरकर वापसी की. उस घटना के बाद, GQG अडानी ग्रुप का समर्थन करने वाले शुरुआती बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स में से एक बनकर उभरा था. 2023 से शुरू करके, फंड मैनेजर ने अडानी की कई कंपनियों में अरबों डॉलर का निवेश किया, जिससे ऐसे समय में इन्वेस्टर्स का भरोसा बहाल करने में मदद मिली जब ग्रुप में विदेशी इंस्टीट्यूशनल भागीदारी कमज़ोर पड़ गई थी.
अडानी ग्रुप को बड़ी मदद
तब से, अडानी की कंपनियों ने कर्ज कम करने , कैश फ्लो को मजबूत करने और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया है. ग्रुप की कई कंपनियों ने अच्छी कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट बिजनेस में काम का एक्ज़ीक्यूशन मज़बूत बना हुआ है. मार्केट में शामिल लोग इस हालिया ट्रांजैक्शन को ग्रुप पर फंड की व्यापक निवेश रणनीति में बदलाव के बजाय मुख्य रूप से पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने की कोशिश के तौर पर देखेंगे.
इन सेक्टर्स में मौजूद हैं दोनों कंपनियां
अडानी एंटरप्राइजेज, जो इस बड़े ग्रुप का मुख्य इनक्यूबेटर है, एयरपोर्ट, सड़क, ग्रीन हाइड्रोजन, डेटा सेंटर और माइनिंग सर्विस जैसे बिजनेस चलाता है. अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेटसेक्टर ट्रांसमिशन कंपनियों में से एक है और स्मार्ट मीटरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. अडानी एंटरप्राइज़ेज़ और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस दोनों के शेयरों पर नजर बनी रहने की संभावना है क्योंकि इन्वेस्टर्स हिस्सेदारी बिक्री और इंस्टीट्यूशनल ओनरशिप में बदलाव के असर का आकलन कर रहे हैं.



