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हिंदू शख्स की कब्रिस्तान में दफनाई लाश, कुछ दिनों बाद हुआ कुछ ऐसा; पुलिस को खुद बाहर निकालनी पड़ी डेड बॉडी

हिंदू शख्स की कब्रिस्तान में दफनाई लाश, कुछ दिनों बाद हुआ कुछ ऐसा; पुलिस को खुद बाहर निकालनी पड़ी डेड बॉडी

बिहार के बांका ज़िले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाओगे. दरअसल, बिहार के धोरैया थाना क्षेत्र में, एक बुज़ुर्ग व्यक्ति, को एक परिवार ने मृत समझकर रोते-बिलखते हुए दफ़ना दिया था, अगले ही दिन सही-सलामत घर लौट आया. जब बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र खोदी गई, तो अंदर मिला शव एक हिंदू बुज़ुर्ग का था. जिसके बाद पूरे इलाके में बवाल मच गया. जानकारी के मुताबिक लगभग 60 साल के रामकिशन मोहली मकदूमा में अपनी बहन के घर गए थे. गाँव लौटते समय, पुंसिया में एक दुकान के पास अचानक वो बीमार होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. 

नहीं थी कोई पहचान 

जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव की तलाशी ली; लेकिन कोई भी पहचान-पत्र मिला. जिसके बाद उन्होंने मृतक को “अज्ञात” घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका भेज दिया. इसके बाद, पुलिस ने पहचान का पता लगाने के लिए ज़िले के अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप पर मृतक की तस्वीर साझा की.

हिंदू शख्स को कब्रिस्तान में दफनाया 

वहीँ जब उनकी व्हाट्सएप पर तस्वीर वायरल हुई, तो धोरैया के भगवानपुर गांव के रहने वाले मुजाहिद अंसारी बांका मुर्दाघर पहुंचे. तस्वीर और अपने पिता के चेहरे-मोहरे में समानता देखकर, उन्होंने दावा किया कि शव उनके लापता पिता, सगीर अंसारी का है. ज़रूरी कागज़ी कार्रवाई पूरी करने के बाद, पुलिस ने शव मुजाहिद को सौंप दिया. परिवार शव को अपने गाँव ले आया, जहाँ इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया और उन्हें एक कब्रिस्तान में ले जाकर दफना दिया गया. 

जिंदा घर लौटा शख्स 

चौंकाने वाला ट्विस्ट तो तब आया जब अगले ही दिन सगीर अंसारी सही-सलामत अपने घर वापस आए. उन्हें दरवाज़े पर ज़िंदा खड़ा देखकर हर कोई हैरान था.  एक पल के लिए तो उन्हें लगा जैसे उन्होंने शायद उनकी आत्मा देखली है. जब सगीर ने अपनी आपबीती सुनाई, तभी उसके परिवार को यकीन हुआ कि वो सचमुच ज़िंदा है. यह खबर पूरे इलाके में तेज़ी से फैल गई. जब सगीर अंसारी ज़िंदा घर लौटा, तो पूरा गाँव हैरान रह गया. इस मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई.

कब्र से बाहर निकली लाश 

वहीँ फिर सोशल मीडिया पर एक वायरल फ़ोटो देखकर संहौला के गोविंदपुर गाँव के उत्तम कुमार नाम के एक युवक ने पुलिस से संपर्क किया. उसने दावा किया कि ज़मीन में दफ़नाया गया शव असल में उसके लापता पिता रामकिशन मोहली का है. मामले की गंभीरता को देखते हुए, धोरैया और राजाउन थानों की पुलिस टीमें एक मजिस्ट्रेट के साथ तुरंत कुर्मा कब्रिस्तान पहुँचीं. प्रशासनिक देखरेख में कब्र खोदी गई और शव को बाहर निकाला गया. बाद में पहचान की प्रक्रिया से यह पक्का हो गया कि शव वास्तव में रामकिशन मोहली का ही था

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