
फैटी लिवर आज के समय की सबसे आम लिवर समस्याओं में से एक बन चुका है। पहले इसे मोटापे और शराब के सेवन से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब यह दुबले-पतले लोगों, नॉन-एल्कोहॉलिक व्यक्तियों और यहां तक कि बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार फैटी लिवर को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है क्योंकि समय रहते इलाज न मिलने पर यह हेपेटाइटिस, फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर स्थितियों में बदल सकता है।
मारेंगो एशिया हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में वरिष्ठ सलाहकार एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमित मित्तल ने बताया फैटी लिवर होने पर वजन बढ़ता है लेकिन अगर डायबिटीज,कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, थायराइड या दूसरी कोई और मेटाबॉलिक परेशानी है तो मरीज का वजन तेजी से घट सकता है। एक्सपर्ट ने बताया फैटी लिवर की बीमारी बढ़कर हेपेटाइटिस या सिरोसिस की अवस्था में पहुंच जाए, तो मरीज को भूख कम लगना, कमजोरी, मांसपेशियों की कमजोरी और पोषण की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में वजन कम होने लगता है।
अगर फैटी लिवर है और वजन तेजी से घट रहा है तो डॉक्टर के अनुसार केवल फैटी लिवर इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थिति में डायबिटीज, थायराइड, संक्रमण या किसी अन्य बीमारी की जांच कराना जरूरी हो जाता है। एक्सपर्ट का मानना है कि समय पर जांच, हेल्दी डाइट और नियमित व्यायाम से फैटी लिवर को काफी हद तक रोका और रिवर्स किया जा सकता है।
फैटी लिवर के प्रमुख कारण
लिवर पर फैट चढ़ने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे मोटापा,शारीरिक गतिविधि की कमी, खराब खानपान, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, अत्यधिक शराब सेवन, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन, पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थ शामिल है।
फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
कई मरीजों में फैटी लिवर का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता और बीमारी का पता अल्ट्रासाउंड के दौरान चलता है। हालांकि कुछ लोगों में ये संकेत दिखाई दे सकते हैं जैसे
- पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन
- हल्का लेकिन लगातार दर्द
- गहरी सांस लेने पर असहजता
- कमजोरी और थकान
- वजन बढ़ना
- शरीर में सुस्ती महसूस होना शामिल है।
डायबिटीज मरीजों में फैटी लिवर के लक्षण
डायबिटीज और फैटी लिवर दोनों समस्याएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। डायबिटीज के मरीजों में फैटी लिवर तेजी से गंभीर हो सकता है। ऐसे मरीजों में सामान्य फैटी लिवर वाले ही लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे दाहिनी तरफ पेट में भारीपन, थकान, कमजोरी, हल्का दर्द और वजन बढ़ने की दिक्कत हो सकती है।
फैटी लिवर की गंभीर अवस्था में क्या होता है?
- डॉक्टर के अनुसार फैटी लिवर की प्रगति तीन चरणों में होती है जैसे पहला फैटी लिवर जिसमें लिवर में चर्बी जमा होने लगती है ऐसे में हल्का दर्द और भारीपन महसूस हो सकता है।
- हेपेटाइटिस की परेशानी में लिवर में सूजन बढ़ जाती है और पीलिया (जॉन्डिस) के लक्षण शुरू हो सकते हैं।
- फैटी लिवर को कंट्रोल नहीं किया जाए तो ये सिरोसिस तक पहुंच जाता है। इसमें पेट में पानी भरना, पैरों में सूजन,खून की उल्टियां,लिवर की कार्यक्षमता में गंभीर गिरावट होना शामिल है।
फैटी लिवर की पहचान के लिए कौन-कौन सी जांच जरूरी है?
फैटी लिवर की पहचान के लिए शुरुआती जांच में
- अल्ट्रासाउंड एब्डॉमेन
- लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
- आगे की जांच में फाइब्रोस्कैन ऑफ लिवर
डॉक्टर के अनुसार 40 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार अल्ट्रासाउंड और लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर कराना चाहिए।
फैटी लिवर मरीजों के लिए डाइट चार्ट
समय क्या खाएं सुबह उठते ही गुनगुना पानी, ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी नाश्ता पोहा, दलिया, बेसन चीला, दाल चीला, फल मिड-मॉर्निंग सेब, पपीता, संतरा, मौसमी, बादाम, अखरोट दोपहर का भोजन1-2 मल्टीग्रेन रोटी, दाल, हरी सब्जी, सलादशाम का नाश्ताग्रीन टी, भुने चने, स्प्राउट्स, फल रात का भोजन 1-2 रोटी, दाल, सब्जी, सलाद और दही
लिवर फैटी है तो कौन से फल कम खाने चाहिए?
अगर आपका लिवर फैटी है तो हर एक चीज सोच समझकर खाएं। फल और सब्जियों का सेवन सेहत के लिए उपयोगी है लेकिन आप कुछ फलों का सेवन सीमित करें। आम, केला, अंगूर,लीची और चीकू का सेवन बहुत कम करें।
फैटी लिवर है तो इन फलों को आप खा सकते हैं?
सेब,पपीता,संतरा,मौसमी,अमरूद और नाशपाती खाएं। ये डायबिटीज कंट्रोल करते हैं और लिवर के फैट को भी रिवर्स करने में मदद करते हैं।
सफेद रंग की इन 5 चीजों से दूरी बनाना जरूरी
डॉक्टर के अनुसार फैटी लिवर मरीजों को इन चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। ये पांच फूड्स जैसे मैदा,रिफाइंड आटा, चीनी, अधिक नमक और घी का अत्यधिक सेवन कंट्रोल करें। दही और पनीर सफेद हैं लेकिन इससे परहेज करने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
फैटी लिवर में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले फूड्स
कोल्ड ड्रिंक,पैकेज्ड जूस,प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड,केक और बिस्किट,अधिक चीनी वाले पेय और शराब का सेवन करने से परहेज करें।
क्या फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो सकता है?
विशेषज्ञ का कहना है कि शुरुआती और मध्यम अवस्था का फैटी लिवर पूरी तरह रिवर्स हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि शरीर का 10-15% वजन कम करें। शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं। रोज 45 मिनट ब्रिस्क वॉक करें।
संतुलित और हाई-प्रोटीन डाइट का सेवन करें और नियमित जांच कराएं।
आयुर्वेदिक उपाय भी आपकी कर सकते हैं मदद
फैटी लिवर के मरीज भुईं आंवला, एलोवेरा और लेमन ग्रास जैसे उपाय अपना सकते हैं। हालांकि डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि किसी भी हर्बल उत्पाद का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। कुछ मामलों में एलोवेरा और अन्य हर्बल उत्पादों से लिवर को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट भी सामने आई हैं। इसलिए किसी भी आयुर्वेदिक या हर्बल उपाय को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। लेख में डाइट चार्ट, फल और आयुर्वेदिक उपाय मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. द्वारा साझा किए गए सुझावों पर आधारित हैं। चूंकि डायबिटीज और फैटी लिवर (विशेषकर ग्रेड 3) की गंभीरता हर व्यक्ति के शारीरिक मापदंडों के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए किसी भी आहार परिवर्तन, फल या हर्बल/आयुर्वेदिक उत्पाद (जैसे एलोवेरा या भुईं आंवला) को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



