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अगर 10% का मिला हाइक, तो ₹12 लाख से ₹50 लाख तक की सैलरी पर ये होगा असर

नौकरीपेशा लोगों के लिए सैलरी बढ़ना हमेशा खुशखबरी होती है, लेकिन हर बढ़ी हुई रकम सीधे जेब में नहीं पहुंचती. नई टैक्स व्यवस्था में आय बढ़ने के साथ टैक्स देनदारी भी बढ़ जाती है, जिससे सैलरी हाइक का एक हिस्सा टैक्स में चला जाता है. खासकर 12 लाख रुपये से 50 लाख रुपये सालाना कमाने वाले कर्मचारियों के लिए 10% वेतन बढ़ोतरी का वास्तविक फायदा अलगअलग हो सकता है. आइए समझते हैं कि सैलरी बढ़ने के बाद हाथ में कितनी अतिरिक्त रकम बचती है.

अगर 10% का मिला हाइक, तो ₹12 लाख से ₹50 लाख तक की सैलरी पर ये होगा असर
अगर 10% का मिला हाइक, तो ₹12 लाख से ₹50 लाख तक की सैलरी पर ये होगा असर

किसी कर्मचारी की सैलरी बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि उसकी पूरी अतिरिक्त आय उसके बैंक खाते में पहुंच जाएगी. आय बढ़ने के साथ टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स भी बढ़ता है. इसके अलावा बेसिक सैलरी से जुड़ी कुछ कटौतियां, जैसे कर्मचारी भविष्य निधि भी बढ़ सकती हैं. इसका असर टेकहोम सैलरी पर पड़ता है. नई टैक्स व्यवस्था के तहत वेतनभोगी कर्मचारियों को 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, लेकिन इसके बावजूद आय बढ़ने पर टैक्स देनदारी भी बढ़ जाती है.

12 लाख रुपये सैलरी वालों पर सबसे ज्यादा असर

यदि किसी कर्मचारी की सालाना सैलरी 12 लाख रुपये है और उसे 10% की बढ़ोतरी मिलती है, तो उसकी आय 1.2 लाख रुपये बढ़ जाएगी. हालांकि बढ़ी हुई आय पर टैक्स देनदारी भी बढ़ेगी. मार्जिनल रिलीफ का लाभ मिलने के बाद भी लगभग 46,800 रुपये अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है. ऐसे में कर्मचारी के हाथ में वास्तविक फायदा करीब 73,200 रुपये ही रह जाता है.

16 लाख से 24 लाख रुपये तक की आय पर क्या होगा असर?

16 लाख रुपये सालाना कमाने वाले कर्मचारी को 10% हाइक के बाद 1.6 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. लेकिन टैक्स कटने के बाद उसके पास करीब 1.31 लाख रुपये का वास्तविक लाभ बचेगा. वहीं 20 लाख रुपये की सैलरी वाले कर्मचारी को 2 लाख रुपये की बढ़ोतरी पर लगभग 1.52 लाख रुपये का पोस्टटैक्स फायदा मिलेगा. अगर किसी कर्मचारी की सालाना आय 24 लाख रुपये है, तो 2.4 लाख रुपये की बढ़ी हुई सैलरी में से टैक्स कटने के बाद लगभग 1.69 लाख रुपये का फायदा ही हाथ में आएगा.

ऊंची आय वालों का बड़ा हिस्सा टैक्स में जाता है

जैसेजैसे आय बढ़ती है, टैक्स का असर भी अधिक दिखाई देता है. 30 लाख रुपये सालाना कमाने वाले कर्मचारी को 3 लाख रुपये की बढ़ोतरी पर करीब 2.06 लाख रुपये का वास्तविक लाभ मिलेगा. वहीं 40 लाख रुपये सालाना आय वाले कर्मचारी को 4 लाख रुपये की बढ़ी हुई सैलरी पर लगभग 1.25 लाख रुपये अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है. इसके बाद उसके पास करीब 2.75 लाख रुपये का फायदा बचेगा. 50 लाख रुपये सालाना कमाने वाले कर्मचारी को 5 लाख रुपये की सैलरी बढ़ोतरी मिलेगी, लेकिन अतिरिक्त टैक्स देनदारी करीब 2.82 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. ऐसे में उसके हाथ में वास्तविक लाभ केवल 2.18 लाख रुपये के आसपास रहेगा.

सैलरी हाइक मिलने पर केवल ग्रॉस इंक्रीमेंट देखकर खुश होने के बजाय पोस्टटैक्स लाभ की गणना करनी चाहिए. कर्मचारी अपने वेतन ढांचे की समीक्षा कर सकते हैं और कंपनी के जरिए उपलब्ध कॉर्पोरेट NPS जैसे विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं. साथ ही नई टैक्स व्यवस्था में उपलब्ध लाभों को समझकर टैक्स प्लानिंग करना जरूरी है, ताकि बढ़ी हुई सैलरी का ज्यादा हिस्सा उनकी जेब में पहुंच सके.

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