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“उत्सव के रंग में भंग डालने वालों का वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी स्वाहा होगा…” गोंडा में सीएम योगी की हुंकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को “अच्छे लोगों” को चुनने पर जोर दिया और 2017 से पहले के समय की ओर इशारा किया, जब “विकास सिर्फ एक गांव तक सीमित था.” योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप अच्छे लोगों और अच्छी सरकार को चुनते हैं, तो नतीजे अच्छे होंगे. अगर गलत लोग चुने जाते हैं, तो कोई भी आपको नतीजों से नहीं बचा पाएगा.”

“उत्सव के रंग में भंग डालने वालों का वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी स्वाहा होगा…” गोंडा में सीएम योगी की हुंकार
“उत्सव के रंग में भंग डालने वालों का वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी स्वाहा होगा…” गोंडा में सीएम योगी की हुंकार

इसके साथ ही ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने भी रंग में भंग डालने की कोशिश की तो उसका वर्तमान को नष्ट होगा कि उसका भविष्य भी पूरी तरह से स्वाहा हो जाएगा.

उन्होंने आगे कहा, “और, ऐसा होता था. 2017 से पहले, जब गलत सरकार आती थी, तो विकास सिर्फ एक गांव तक सीमित हो जाता था.”

गोंडा में 516 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पणशिलान्यास

उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के अलगअलग जिलों में मेडिकल कॉलेज बनवाए. आदित्यनाथ ने कहा, “ हमें मेडिकल कॉलेज बनाने थे, तो हमने यह नहीं कहा कि यह सैफई में बनेगा. हमने कहा कि यह गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या, बस्ती में बनेगा.”

मुख्यमंत्री गोंडा में 516 करोड़ रुपये के 262 प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे. उस समय को याद करते हुए जब गोंडा को देश का सबसे गंदा शहर बताया गया था.

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर 2017 में देश के सबसे गंदे शहर के बारे में बात हुई थी, तो वह गोंडा था और, आज, मैं कह सकता हूं कि गोंडा देश के साफ शहरों में से एक के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. जब गलत सरकार चुनी जाती है, तो नतीजे गलत होते हैं आज, गोंडा साफ है और एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है.”

उत्सव के रंग में किसी ने भंग डालने की कोशिश की तो…

इसके साथ ही योगी ने कहा कि साल 201516 के दौरान गोंडा में दुर्गा पूजा के अवसर पर दंगे फैलाने की कोशिश की गई थी और उस समय मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित करने से रोका गया था. यहां तक की रामलीला में अड़चन डाली गयी थी और त्योहार आरंभ होने से ही उपद्रव शुरू हो जाता था.

उन्होंने कहा कि न तो बेटी सुरक्षित थे और न ही व्यवसायी. 2017 से पहले यूपी में सत्ता में बैठे लोग गुंडों को शरण देते थे और राज्य में महीनों कर्फ्यू लगा रहता था, लेकिन यदि अब कोई उत्सव के रंग में भंग डालने का प्रयास करेगा तो उसका वर्तमान और भविष्य दोनों ही स्वाहा हो जाएगा.

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