दिल्ली के जंतरमंतर पर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर युवाओं का आंदोलन तेज हो गया है। युवाओं के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए प्रख्यात शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतरमंतर पहुंच गए हैं। जंतरमंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बाद वांगचुक ने सरकार के इस सकारात्मक कदम का स्वागत किया है और इसके लिए धन्यवाद दिया।

इससे पहले सीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा अपडेट शेयर करते हुए समर्थकों को जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतरमंतर पर प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इसके बाद पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं और छात्रों से अपील की कि वे पहले से तय योजना के मुताबिक संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाने के बजाय अब सीधे जंतरमंतर धरना स्थल पर ही इकट्ठा हों।
‘एजुकेशन मिनिस्टर कैसा हो…’ के नारों पर वांगचुक ने युवाओं को रोका
जैसे ही सोनम वांगचुक जंतरमंतर के मंच पर पहुंचे, वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों और छात्रों में भारी उत्साह देखा गया। समर्थकों ने रहरहकर ‘देश का एजुकेशन मिनिस्टर कैसा हो, सोनम वांगचुक जैसा हो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
इस पर सोनम वांगचुक ने तुरंत युवाओं को टोकते हुए बेहद सादगी से कहा, “मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। देश के युवाओं को अब आगे आना चाहिए।”
सरकारी स्कूलों को लेकर दिया बड़ा संदेश: ‘सिस्टम तभी बदलेगा’
मंच से लोगों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक बड़ा फॉर्मूला सुझाया। उन्होंने कहा:
“विकसित भारत के असली कारखाने हमारे गांवों के विद्यालय हैं। देश की व्यवस्था और सिस्टम में असली बदलाव तब आएगा, जब देश के जितने भी जनप्रतिनिधि हैं, उनके बच्चे प्राइवेट स्कूलों के बजाय अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ें।”
वांगचुक ने आगे कहा कि आज हम यहां कोई उग्र प्रदर्शन करने नहीं, बल्कि सरकार से एक ‘आग्रह’ करने आए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सरकार छात्रों के हित में सही कदम उठाएगी और उनकी जायज मांगों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि चर्चा सिर्फ किसी के ‘इस्तीफे’ पर नहीं, बल्कि ‘जवाबदेही और जिम्मेदारी’ तय करने पर होनी चाहिए।
शाम 5 बजे तक की ही मिली है अनुमति, पुलिस रख रही नजर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए शाम 5:00 बजे तक का ही समय निर्धारित किया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन शाम 4:30 बजे से ही जंतरमंतर से प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक हटाना शुरू कर देगा ताकि समय सीमा के भीतर प्रदर्शन को समाप्त कराया जा सके।
सीजेपी के नेताओं का कहना है कि वे इस शांतिपूर्ण और संवैधानिक आंदोलन को आगे कैसे ले जाना है, इस पर आने वाले दिनों में अपनी रणनीति तय करेंगे।



