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India-China Tension के बीच Beijing से संदेश, Ambassador Doraiswami ने याद दिलाई 2000 साल की दोस्ती

का दौरा किया, जहां उन्होंने व्याख्यान दिया तथा छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की।
चीन में विदेशी भाषाओं के प्रमुख संस्थान ‘बीएफएसयू’ में तमिल, हिंदी, बंगाली, संस्कृत और उर्दू सहित 102 भाषाओं के पाठ्यक्रम हैं।

India-China Tension के बीच Beijing से संदेश, Ambassador Doraiswami ने याद दिलाई 2000 साल की दोस्ती
India-China Tension के बीच Beijing से संदेश, Ambassador Doraiswami ने याद दिलाई 2000 साल की दोस्ती

इसने हाल ही में अपने पाठ्यक्रमों की सूची में पंजाबी को भी शामिल किया है।
ये भाषाएं मुख्य रूप से चीनी छात्रों के साथसाथ राजनयिकों और अधिकारियों को सिखाई जाती हैं।
धाराप्रवाह मंदारिन बोलने वाले दुरईस्वामी ने अपने व्याख्यान के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला कि का पारस्परिक ज्ञानवर्धन और विचारों का आदानप्रदान दो सहस्राब्दियों से अधिक समय से भारतचीन संबंधों की एक परिभाषित विशेषता रहा है।

बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मौर्य काल से लेकर आधुनिक युग तक के उदाहरणों का हवाला देते हुए, दुरईस्वामी ने बताया कि कैसे दुनिया की दो सबसे पुरानी सभ्यताओं के बीच आदानप्रदान ने ज्ञान, दर्शन, कलात्मक परंपराओं, प्रौद्योगिकी और नवाचार को साझा करने के माध्यम से दोनों समाजों को समृद्ध किया।’’
इसमें कहा गया, ‘‘राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐतिहासिक रूप से इस तरह की बातचीत से पारस्परिक लाभ प्राप्त हुआ है।

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