झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की नवाबाद थाना पुलिस को बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले स्वर्गीय दद्दा ध्यानचंद के परिवार के सदस्य और पेट्रोल पंप संचालक अजय कुमार सिंह के खाते से 40 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक बेहद शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपी के पास से भारी मात्रा में नगदी, सोने के जेवरात, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके साथ ही पुलिस की तत्परता के चलते आरोपी के विभिन्न बैंक खातों में जमा 37 लाख रुपये भी फ्रीज करा दिए गए हैं।
आरटीजीएस करते ही उड़ गए ₹40 लाख
झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सीपरी बाजार स्थित ‘ध्यानचंद हाउस’ के रहने वाले अजय कुमार सिंह ने 2 जून को अपनी फर्म के खाते से पेट्रोलडीजल की खरीद के लिए आरटीजीएस के माध्यम से 40 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।
अगले दिन जब उन्होंने भारत पेट्रोलियम से संपर्क किया, तो पता चला कि वहां भुगतान पहुंचा ही नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
बैंक में छूटे ‘गलत फॉर्म’ से ऐसे लगाता था चूना
पुलिस ने जब मामले की टेक्निकल जांच करते हुए जाल बिछाया, तो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले समीर सामंथ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी का जो तरीका बताया, उसने पुलिस और बैंक अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए:
- फटे फॉर्म का खेल: आरोपी समीर अलगअलग जिलों के बैंकों में जाता था और वहां ड्रॉप बॉक्स या काउंटर के पास नजर रखता था।
- साइन की चोरी: जब कोई ग्राहक बैंक का फॉर्म भरने में गलती होने पर उसे वहीं फेंक या छोड़ देता था, तो आरोपी उस फॉर्म को उठा लेता था।
- फर्जी ट्रांसफर: वह उस फॉर्म से ग्राहक के असली हस्ताक्षर और खाता संख्या की नकल करता था। इसके बाद एक नया फॉर्म भरकर बड़ी रकम अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर लेता था।
आरोपी ने ‘सुकुमंडी’ नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अलगअलग बैंकों में 8 खाते खुलवा रखे थे, जिनमें वह ठगी की रकम मंगाता था।
ठगी के पैसों से खरीदे गहने, मौजमस्ती में उड़ाए पैसे
अजय कुमार सिंह के खाते से उड़ाए गए 40 लाख रुपये में से आरोपी समीर सामंथ ने झांसी में ही रहते हुए मालाबार और कल्याण ज्वैलर्स से लाखों रुपये के सोने के आभूषण खरीद डाले। कुछ पैसे उसने एटीएम से कैश निकाले और बाकी की राशि मौजमस्ती में खर्च कर दी।



