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कल जन्मदिन, आज मौत: मीटिंग में बैठे-बैठे भाजपा विधायक को आया हार्ट अटैक, मंत्री के सामने तोड़ा दम

Up News Bjp Mla Shyam Bihari Lal Passes Away Heart Attack Bareilly Latest Updates

BJP MLA Shyam Bihari Lal passes away: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ दी है। फरीदपुर से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार को आकस्मिक निधन हो गया। नियति का खेल देखिए कि जिस लोकप्रिय नेता ने गुरुवार, 1 जनवरी को ही अपना 60वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया था, अगले ही दिन मौत ने उन्हें गले लगा लिया। सर्किट हाउस में एक अहम बैठक के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और हंसता-खेलता जीवन अचानक शांत हो गया।

यह हृदय विदारक घटना तब घटी जब सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह अधिकारियों और नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। विधायक श्याम बिहारी लाल भी इस चर्चा में शामिल थे। दोपहर करीब सवा दो बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे कुर्सी पर ही असहज हो गए। मीटिंग हॉल में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद सहयोगियों ने उन्हें तत्काल मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

एक घंटे तक चली सांसों की जंग

अस्पताल पहुंचने तक भाजपा विधायक की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। मेडिसिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर विमल भारद्वाज ने बताया कि सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद जब उन्हें लाया गया, तो उनका बीपी और पल्स काम नहीं कर रहा था। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया और करीब एक घंटे तक लगातार कोशिश की। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया, लेकिन दिल का दौरा इतना भीषण था कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर मिलते ही डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य और सांसद छत्रपाल गंगवार समेत तमाम बड़े नेता और अधिकारी उनके आवास और अस्पताल पहुंच गए।

प्रोफेसर से जनसेवक तक का सफर

डॉ. श्याम बिहारी लाल केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विद्वान भी थे। 1 जनवरी 1966 को शाहजहांपुर में जन्मे श्याम बिहारी लाल पेशे से प्रोफेसर थे। वे बरेली की महात्मा ज्योतिबा फूले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी में प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष थे। इसके अलावा वे पांचाल संग्रहालय के निदेशक भी रहे। राजनीति में उनका कद काफी ऊंचा था। उन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर फरीदपुर सुरक्षित सीट से जीत हासिल की थी और 2022 में दोबारा जनता का विश्वास जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उनके परिवार में पत्नी मंजू लता, एक बेटा और दो बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

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