Auto Driver Encounter: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बता दें कि पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रही दो युवतियों के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया गया है। वहीं आरोपी की पहचान हसीब के रूप में हुई है जिसे पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के लिए बता दें कि घटना सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करने लगी है।

परीक्षा केंद्र जाने के दौरान हुई वारदात
जानकारी में पता चला है कि दोनों युवतियां लखीमपुर खीरी जिले की रहने वाली हैं और पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए रायबरेली जा रही थीं। वे ट्रेन से लखनऊ पहुंचीं और से बस अड्डे तक जाने के लिए एक ऑटो में बैठीं। वहीं आरोप है कि ऑटो चालक हसीब उन्हें निर्धारित बस अड्डे तक ले जाने के बजाय सुनसान इलाके की ओर ले गया। वहां उसने दोनों युवतियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। जब युवतियों ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट भी की।
शोर मचाने पर भागा आरोपी
पीड़िताओं ने जांच के दौरान बताया कि उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास लोगों की आहट मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद दोनों युवतियां नजदीकी थाने पहुंचीं और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और दोनों युवतियों को सुरक्षित परीक्षा केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था भी की ताकि उनकी परीक्षा प्रभावित न हो।
CCTV की मदद से हुई पहचान
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान करी। जिसके बादज देर रात पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली थी लेकिन पुलिस का दावा है कि आरोपी ने खुद को घिरा देखकर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें गोली हसीब के पैर में लगी और उसे गिरफ्तार हो पाई।
ये भी पढ़े:
पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस ने अपनी जांच में पाया की आरोपी हसीब का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। जिसके अनुसार वह पहले हरदोई में दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और ऑटो बरामद किया है। बता दें कि मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। ऐसे में इस घटना के सामने आने के बाद महिला सुरक्षा से जुड़ी प्रदेश में और सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है।



