नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सालाना मिलने वाले सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या घटा दी है। इसे नौ से घटाकर चार कर दिया गया है। यह बदलाव औसत घरेलू खपत के स्तर को ध्यान में रखते हुए किया गया है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाना पकाने वाली गैस की बढ़ती कीमतों और सब्सिडी पर होने वाले ज्यादा खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

शुरू में मिलते 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर
मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू हुई थी।
योजना के तहत, लाभार्थियों को शुरू में हर साल 14.2 किलोग्राम वाले 12 सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर मिलते थे।
पिछले साल इस कोटे को घटाकर नौ सिलेंडर कर दिया गया था।
अब इसे और कम करके चार कर दिया गया है।
सालाना खपत को दिखाती है बदली हुई सीमा
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी प्रवीण मल खनूजा ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि बदली हुई सीमा मोटे तौर पर उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत सालाना खपत को दिखाती है।
खाना पकाने के लिए साफसुथरे ईंधन को बढ़ावा देने और इसे सस्ता बनाने के लिए सरकार ने मई 2022 में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये की टारगेटेड सब्सिडी शुरू की थी। यह हर बार रिफिल खरीदने के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती थी। अक्टूबर 2023 में इस सब्सिडी को बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया। 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों के लिए भी उसी अनुपात में फायदा दिया गया।
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच कोटे में कटौती
सब्सिडी वाले कोटे में यह कटौती LPG की कीमतों में बारबार हो रही बढ़ोतरी के बीच की गई है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की रिटेल कीमत पिछले तीन महीनों में दो बार की बढ़ोतरी के साथ कुल 89 रुपये बढ़ी है। इसमें 7 जून को हुई हालिया बढ़ोतरी भी शामिल है जिससे कीमत 942 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। 300 रुपये की सब्सिडी घटाने के बाद PMUY लाभार्थियों को 642 रुपये देने पड़ते हैं।
खनूजा ने कहा कि बदली हुई सीमा मोटे तौर पर PMUY परिवारों की औसत खपत के पैटर्न से मेल खाती है। उनके अनुसार, सरकार की लगभग 1,600 रुपये प्रति सिलेंडर की अनुमानित सप्लाई लागत की तुलना में लाभार्थियों को असल में प्रति सिलेंडर लगभग 1,000 रुपये की मदद मिलती है।
बढ़ रही हैं एलपीजी की कीमतें
7 जून को खाना पकाने वाली गैस की कीमतों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। उन्होंने कहा, ‘यह बढ़ोतरी प्रति दिन 1 रुपये के बराबर है।’ साथ ही जोड़ा कि पांच लोगों वाले परिवार के लिए यह बढ़ोतरी प्रति दिन लगभग 20 पैसे बैठती है।
मिडिल ईस्ट में दिक्कतें बढ़ा रही हैं दबाव
खनूजा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में दिक्कतों के कारण इंटरनेशनल LPG की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय घरों में खाना पकाने वाली गैस की कीमतें दुनिया में सबसे कम बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि फरवरी के आखिर में मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद ग्लोबल LPG की कीमतों में उछाल आया। इससे घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई की लागत 1,600 रुपये से ज्यादा हो गई है।
भारत में LPG इंपोर्ट की लागत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस से जुड़ी है। यह इस फ्यूल के लिए ग्लोबल बेंचमार्क है। फरवरी के बाद से इस बेंचमार्क में लगभग 46% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास दिक्कतों के कारण गल्फ क्षेत्र से सप्लाई कम हो गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2022 से एलपीजी सब्सिडी के तौर पर 52,000 करोड़ रुपये दिए हैं।



