Nind Ane Ke Upay: रात को नींद न आना मॉर्डन लाइफ स्टाइल की एक बेहद सामान्य समस्या है। आजकल ज्यादातर लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। युवा, स्टूडेंट्स से लेकर वर्किंग, आजकल सभी लोग अनिद्रा की समस्या से परेशान हैं।

रात को सही से नींद न आने की वजह से अगले दिन थकान बनी रहती है। इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी होनी शुरू हो जाती हैं। नींद पूरी न होने की वजह से आपको हर वक्त थकान महसूस होता है। नींद पूरी न होने पर हार्मोनल असंतुलन, चिड़चिड़ाहट व लो इम्युनिटी की भी समस्या हो सकती है।
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स्ट्रेस
अगर आप ज्यादा तनाव या चिंता से घिरे रहते हैं, तो इसकी वजह से आपको रात में नींद आने में परेशानी हो सकती है। इसलिए अगर आपको रात में सही से नींद नहीं आती है, तो स्ट्रेसको मैनेज करें। इसके लिए आप मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। साथ ही, रात के समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से दूरी बनाकर रखें। इससे मन शांत होगा और शरीर रिलैक्स फील करेगा। इससे आपकी स्लीप क्वालिटी बेहतर होगी।
नींद की स्स्या
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खराब जीवनशैली
अगर आपकी दिनचर्या अनियमित है, तो भी नींद प्रभावित हो सकती है। अगर आप किसी दिन जल्दी उठते हैं और किसी दिन देरी से उठते हैं, तो इसकी वजह से भी आपकी नींद पर असर पड़ सकता है। अनियमित दिनचर्या नींद की गुणवत्ता को बुरी तरह से प्रभावित कर देती है। बेहतर नींद के लिए आपको समय पर सोना और उठना बेहद जरूरी है। अगर आपकी छुट्टी भी है, तो एक ही समय पर सोएं और उठें। इससे आपका स्लीपिंग पैटर्न खराब नहीं होगा और नींद अच्छी आएगी।
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कैफीन को लिमिटेड करें
अगर आप कैफीन और निकोटीन का ज्यादा सेवन करते हैं, तो इससे रात में नींद आने में दिक्कत हो सकती है। दिनभर कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक्स या धूम्रपान आदि का सेवन करने से नर्वस सिस्टम एक्टिव रहता है। इसकी वजह से नींद आने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में आपको शाम को 6 बजे के बाद कैफीन या निकोटीन का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। इससे आपको रात में अच्छी नींद आएगी।
नींद की समस्या
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देर रात खाना खाने से बचें
रात के खाने की गड़बड़ी के कारण भी हो सकती है। इसलिए रात में बहुत देर से या ज्यादा खाने से बचें। ये पाचन प्रक्रिया को बिगड़ने से बचाती है। देर रात मसालेदार और वसायुक्त भोजन करने से परेशानी और बढ़ती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं, सोने से 3 घंटे पहले तक हल्का खाना खाना चाहिए। रात को भूख लगे तो स्नैक्स से बचें, पीनट बटर टोस्ट या ओट्स कुकीज या दूध ले सकते हैं।
नींद की समस्या
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स्क्रीनटाइम
नींद न आने पर मोबाइल या अन्य डिवाइस का उपयोग करना लंबे समय तक जगाए रख सकते हैं। रिलैक्स होने के लिए मेलाटोनिन का उत्पादन रोशनी से बाधित होता है। फोन पर बारबार समय न देखें। अगर फोन देखने का मन करता है तो उसे बेड से या रूम से दूर रखें ताकि खुद को फोन के इस्तेमाल से रोक सकें। इसके लिए आप लाइट, सूदिंग म्यूजिक सुनना या भी पढ़ सकते हैं।



