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स्टीवीयां, गुड़मार के पत्ते और इंसुलिन की पत्तियां क्या ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकती हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानते हैं इन हर्ब्स की जानकारी

स्टीवीयां, गुड़मार के पत्ते और इंसुलिन की पत्तियां क्या ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकती हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानते हैं इन हर्ब्स की जानकारी

भारत में डायबिटीज (Blood Sugar) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए भारत को डायबिटीज की राजधानी कहा जा रहा है। खराब डाइट और बिगड़ते लाइफस्टाइल की वजह से पनपने वाली ये बीमारी कम उम्र में ही लोगों को अपना शिकार बना रही है। डायबिटीज डायग्नोज होने के बाद अक्सर लोग ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए शुगर की दवाओं का सहारा लेते हैं। कुछ डायबिटीज मरीज दवाओं के सेवन से ऊब जाते हैं और ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए देसी नुस्खों का सहारा लेते हैं।

ऋषि मुनियों ने इस बीमारी को काबू में रखने के लिए सदियों से कुछ जड़ी बूटियों की खोज की है, जिनका सेवन करके आसानी से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक आयुर्वेद में कुछ हर्ब्स ऐसे हैं जिनका सेवन करके ब्लड में शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है। स्टीविया,इंसुलिन के पौधे की पत्तियां और गुड़मार के पत्तों का सेवन करके डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर को नॉर्मल रख सकते हैं।

हालांकि आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया पर स्टीविया (Stevia), गुड़मार के पत्ते और इंसुलिन के पौधे (Insulin Plant) की पत्तियों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोग इन्हें डायबिटीज का ‘रामबाण इलाज’ तक मान बैठे हैं। लेकिन क्या वाकई ये पत्तियां या हर्ब्स ब्लड शुगर को पूरी तरह कंट्रोल कर सकते हैं? क्या विज्ञान और आयुर्वेद इन दावों की पुष्टि करते हैं? आइए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानते हैं कि कैसे ये पत्तियां डायबिटीज कंट्रोल करने में असरदार साबित होती है।

इंसुलिन की पत्तियां करती है शुगर नॉर्मल

आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, इंसुलिन प्लांट (Costus igneus) डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस पौधे की पत्तियों का नियमित सेवन ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है। सुबह खाली पेट इसकी ताजी पत्तियां चबाने से शरीर की ग्लूकोज को उपयोग करने की क्षमता बेहतर हो सकती है, जिससे ब्लड में शुगर का स्तर संतुलित रखने में मदद मिलती है। इंसुलिन प्लांट में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं और ग्लूकोज के प्रबंधन में मदद कर सकते हैं। इसकी पत्तियों का स्वाद हल्का खट्टा होता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे कई स्वास्थ्य लाभों के लिए उपयोगी माना गया है।

Journal of Clinical and Diagnostic Research (JCDR) में प्रकाशित एक प्रसिद्ध क्लिनिकल स्टडी के अनुसार वैज्ञानिकों ने जब डायबिटीज से पीड़ित मरीजों पर रिसर्च की, तो पाया कि इंसुलिन प्लांट की पत्तियों का अर्क सीधे तौर पर पैंक्रियाज की बीटा-कोशिकाओं (Beta Cells) को उत्तेजित करता है। ये वही कोशिकाएं हैं जो शरीर में प्राकृतिक इंसुलिन बनाती हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर में इंसुलिन का उत्पादन सुधरता है। National Center for Biotechnology Information (NCBI) पर मौजूद ‘एंटी-डायबिटिक एक्टिविटी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस पौधे की पत्तियों में ‘कोरोसॉलिक एसिड’ (Corosolic Acid) पाया जाता है। यह एसिड कोशिकाओं के अंदर ग्लूकोज के अवशोषण (Glucose Uptake) को तेज करता है, जिससे खून में तैर रही एक्स्ट्रा शुगर तुरंत कम होने लगती है।

स्टीविया की पत्तियों का करें सेवन

डायबिटीज मरीजों के लिए स्टीविया की पत्तियां चीनी का एक प्राकृतिक विकल्प मानी जाती हैं। इनमें कैलोरी बेहद कम होती है और ये मीठा खाने की इच्छा को संतुष्ट करने में मदद कर सकती हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि स्टीवियोल ग्लाइकोसाइड्स ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाते। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने पर यह ग्लूकोज कंट्रोल करने में मददगार हो सकती हैं तथा इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

The Journal of Nutrition और Phytomedicine में प्रकाशित क्लिनिकल स्टडी के अनुसार स्टीविया की पत्तियों में मुख्य रूप से दो मीठे यौगिक पाए जाते हैं स्टीवियोसाइड (Stevioside) और रेबाउडियोसाइड (Rebaudioside)। वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि ‘स्टीविया साइड’ सीधे तौर पर पैंक्रियाज की बीटा-कोशिकाओं (Beta Cells) पर काम करता है। यह खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने पर पैंक्रियाज को अधिक मात्रा में इंसुलिन रिलीज करने के लिए मजबूर करता है, जिससे बढ़ी हुई शुगर तुरंत नॉर्मल होने लगती है।

गुड़मार के पत्तों का करें सेवन

आयुर्वेद में गुड़मार (Gymnema sylvestre) को ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए उपयोगी जड़ी-बूटी माना जाता है। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, इसके पत्तों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो मीठे की इच्छा को कम करने और ग्लूकोज के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। कई अध्ययनों में भी गुड़मार को डायबिटीज कंट्रोल के लिए लाभकारी बताया गया है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, इसका सेवन नियमित और उचित मात्रा में करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

Journal of Dietary Supplements के अनुसार जब आप गुड़मार की पत्तियां चबाते हैं, तो इसके जिम्नेमिक एसिड की आणविक संरचना (Molecular Structure) बिल्कुल ग्लूकोज जैसा होती है। ये आपकी जीभ पर मौजूद मीठे का स्वाद बताने वाले रिसेप्टर्स को पूरी तरह ब्लॉक कर देती है। इसके बाद अगर आप चीनी या मिठाई खाएंगे, तो आपको उसका कोई स्वाद महसूस नहीं होगा, जिससे मीठा खाने की इच्छा (Sugar Cravings) तुरंत खत्म हो जाती है।

डिस्क्लेमर: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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