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भोपाल से सहारनपुर और राजस्थान तक फैला जिहादी नेटवर्क; सेकंड हेड कमांडर शाकिर मेव समेत 3 गिरफ्तार, खाड़ी देशों से मिल रहे थे निर्देश..

भोपाल से सहारनपुर और राजस्थान तक फैला जिहादी नेटवर्क; सेकंड हेड कमांडर शाकिर मेव समेत 3 गिरफ्तार, खाड़ी देशों से मिल रहे थे निर्देश..

भोपाल/सहारनपुर : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की शांत फिजा में एक बार फिर आतंकी गतिविधियों की गूंज से हड़कंप मच गया है। मध्यप्रदेश आतंक निरोधी दस्ते (MP ATS) ने एक बड़े ऑपरेशन में देश के चार राज्यों मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पैर पसार रहे एक बेहद खतरनाक जिहादी स्लीपर सेल नेटवर्क (Terrorist Sleeper Cell Network) का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एटीएस ने भोपाल से मोहम्मद फराज, सहारनपुर से नईम और राजस्थान से ‘सेकंड हेड कमांडर’ शाकिर मेव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि यह नेटवर्क देश के युवाओं का ब्रेनवॉश कर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था।

काजी कैंप से शुरू हुई कड़ियां, सहारनपुर और राजस्थान तक पहुंची आंच

इस पूरे सनसनीखेज मामले की शुरुआत भोपाल के पुराने शहर के काजी कैंप इलाके से हुई, जहां से एमपी एटीएस ने मोहम्मद फराज उर्फ खादिल को दबोचा। फराज से कड़ाई से हुई पूछताछ के बाद जो कड़ियां खुलीं, उसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए। फराज की निशानदेही पर एटीएस ने तुरंत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में छापेमारी कर नईम नाम के एक कट्टरपंथी को गिरफ्तार किया, जो 16 जून तक पुलिस रिमांड पर है। इसके बाद एमपी एटीएस ने राजस्थान एटीएस और एसटीएफ (STF) के साथ मिलकर एक साझा ऑपरेशन चलाया और राजस्थान के अलवर जिले के टप्पुकरा से शाकिर मेव नाम के संदिग्ध को दबोच लिया।

मास्टरमाइंड फराज का राइट हैंड था ‘सेकंड हेड कमांडर’ शाकिर मेव

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, राजस्थान से गिरफ्तार हुआ शाकिर मेव इस पूरे स्लीपर सेल मॉड्यूल में ‘सेकंड हेड कमांडर’ की भूमिका निभा रहा था। वह मुख्य आरोपी मोहम्मद फराज के बाद इस पूरी साजिश का सबसे अहम मोहरा था। शाकिर मेव को कोर्ट में पेश कर 20 जून तक की रिमांड पर लिया गया है। वहीं, फराज के नेटवर्क से जुड़े एक और संदिग्ध हाजी अहजर को धार से गिरफ्तार किया गया है। इतना ही नहीं, इस नेटवर्क के तार हरियाणा के नूंह (मेवात) से भी जुड़े हैं, जहां से एटीएस ने एक युवक को हिरासत में लिया है जो पिछले कई महीनों से फराज के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर जिहादी नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में जुटा था।

पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बैठे हैंडलर दे रहे थे ‘टास्क’

गिरफ्तार आतंकियों के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि मोहम्मद फराज को मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में स्लीपर सेल खड़ा करने के लिए पाकिस्तान और एक खाड़ी देश (Gulf Country) में बैठे आकाओं से सीधे निर्देश (Directions) मिल रहे थे। विदेशी हैंडलर्स ने फराज को भारत में गरीब और कुंवारे (बैचलर) युवकों को तलाशने, उनका ब्रेनवॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का विशेष ‘टास्क’ सौंपा था।

टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप से युवाओं का ब्रेनवॉश; आरोपी का परिवार फरार

जांच में पता चला है कि फराज टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर सीक्रेट ग्रुप बनाकर युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। अब तक उसके संपर्क में आए करीब आधा दर्जन से अधिक युवकों की पहचान हो चुकी है, जिनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल और गतिविधियों को पुलिस खंगाल रही है। इस बीच, जैसे ही फराज की गिरफ्तारी की खबर फैली, भोपाल के काजी कैंप स्थित उसके घर पर शनिवार से ताला लटका हुआ है और उसका पूरा परिवार फरार है। फराज जिस क्लीनिक में काम करता था, वह भी बंद पाई गई है।

विदेशी फंडिंग और डिजिटल उपकरणों की हो रही फॉरेंसिक जांच

एटीएस इस पूरे गिरोह को मिलने वाली विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) की बेहद गहराई से जांच कर रही है, क्योंकि बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के बाद ही इस गिरोह पर शिकंजा कसा गया था। आतंकियों के पास से बरामद किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। एजेंसियां इनके डिलीट किए गए डेटा और एन्क्रिप्टेड चैट को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस जिहादी नेटवर्क के बाकी बचे मददगारों को भी बेनकाब किया जा सके।

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