
उत्तराखंड के देहरादून से एक हत्या का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. चोरी करने पर डांटे जाने के बाद एक युवक ने अपने बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी. यही नहीं पुलिस की जांच को गुमराह करने के लिए शव के साथ विरोध प्रदर्शन भी किया. पुलिस ने बताया कि अधिवक्ता सोहैल हारून को रविवार रात भुड्डी गांव स्थित उनके घर के अंदर गर्दन में गोली मारी गई थी.
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान शाहिद हारून के रूप में हुई है, जो कथित रूप से नशे का आदी और आपराधिक पृष्ठभूमि वाला है. यह हत्या पैसे को लेकर हुए विवाद के चलते की गई.
शाहिद ने बैंक खाते से निकाले थे पैसे
सोहैल को हाल ही में पता चला था कि शाहिद ने उनके पिता का एटीएम कार्ड चोरी करके बैंक खाते से करीब 10 लाख रुपये व्यक्तिगत खर्चों के लिए निकाल लिए थे. पुलिस के अनुसार जब अधिवक्ता ने इस चोरी को लेकर अपने छोटे भाई से पूछताछ की और उसे पीटा तो शाहिद ने हत्या की योजना बना ली.
पुलिस ने बताया कि अपराध को अंजाम देने और पकड़ में आने से बचने के लिए शाहिद ने घटना से दो दिन पहले घर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी और केवल लाइव फीड चालू रहने दी थी. रविवार रात उसने .32 बोर देशी पिस्तौल से सोहैल को गोली मारी और हथियार को बाथरूम में छिपा दिया.
वारदात के समय घर में केवल दोनों भाई ही थे
गोली चलने की आवाज सुनकर जब एक स्थानीय निवासी घर पहुंचा तो शाहिद ने दावा किया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर में घुसकर उसके भाई को गोली मार दी. पुलिस के मुताबिक वारदात के समय घर में केवल दोनों भाई ही थे, क्योंकि उनके माता-पिता लगभग तीन सप्ताह पहले हज के लिए गए हुए थे.
आरोपी ने बाद में जांच को भटकाने तथा खुद को शोकाकुल पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करने के प्रयास के तहत अपने रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों को उकसाकर सोहैल का शव देहरादून-पोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर यातायात बाधित किया.
पुलिस ने बाथरूम से बरामद की पिस्तौल
यातायात बाधित किए जाने की सूचना मिलने पर सदर और पटेल नगर कोतवाली की पुलिस टीम मौके पर पहुंची. फिर फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने बाद में बाथरूम से पिस्तौल बरामद की.
पुलिस ने बताया कि पटेल नगर (कोतवाली) पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. पहला मामला हत्या और साक्ष्य छिपाने से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने और पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार से जुड़ा है.



