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राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले CM योगी: SIT जांच से सब साफ होगा, अयोध्या को बदनाम करने वालों को नहीं बख्शेंगे

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में दानराशि में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच अब श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे पर भी असर दिखाई देने लगा है। जानकारी के अनुसार, पिछले कई महीनों से मंदिर को हर महीने औसतन करीब 7 करोड़ रुपए का दान मिल रहा था, लेकिन पिछले पंद्रह दिनों में यह आंकड़ा घटकर लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले CM योगी: SIT जांच से सब साफ होगा, अयोध्या को बदनाम करने वालों को नहीं बख्शेंगे

मंदिर ट्रस्ट लगातार दावा कर रहा है कि दान संग्रह और उसकी गणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी है। हालांकि, चल रही जांच और विवाद की वजह से श्रद्धालुओं के एक वर्ग में सवाल उठने लगे हैं, जिसका असर दान और दर्शनार्थियों की संख्या पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या के रुदौली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास चंदा चोरी या गड़बड़ी से जुड़ा कोई ठोस सबूत है तो वह एसआईटी को सौंपे, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रुदौली विधानसभा क्षेत्र में 378 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

बदनाम करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा 

सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है, इसलिए अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उपदेश देने वाले वही लोग हैं जिन्होंने अतीत में राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, भगवान श्रीराम के नाम पर लाठियां बरसाईं और अदालतों में रामलला के खिलाफ मुकदमे लड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल भ्रम फैलाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का काम कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक तथा पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। 

SIT की छानबीन चौथे दिन भी जारी  

उधर, राम मंदिर की दानराशि में कथित हेरफेर और गबन के मामले में गठित एसआईटी की जांच चौथे दिन भी जारी रही। जांच के दौरान ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से दान में मिले जेवरातों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का हिसाबकिताब मांगा गया। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को नकदी रिकॉर्ड में कई विसंगतियां मिली हैं, जबकि सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।

ट्रस्ट पदाधिकारी से SIT की तीन घंटे तक पूछताछ 

गुरुवार को केरल से अयोध्या पहुंचे ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा से एसआईटी ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। इसके अलावा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से भी कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। जांच एजेंसियां दानराशि के संग्रह, रखरखाव और उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।

इस बीच एसआईटी ने वर्ष 2021 से अब तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा की गई भूमि खरीद के दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दानराशि के उपयोग और भूमि खरीद के बीच कोई संबंध तो नहीं है। भूमि खरीद प्रक्रिया, मूल्यांकन, भुगतान और संबंधित पक्षों की भूमिका की विस्तार से समीक्षा की जा रही है।

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सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में जमीन के बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के बीच बड़े अंतर को लेकर भी सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां भूमि खरीद से जुड़ी फाइलों, भुगतान रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि भूमि खरीद के दौरान सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। 

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