
Suhasini Mulay Love Story: 20 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप, फिर 20 साल अकेली जिंदगी और आखिरकार 60 साल की उम्र में सिर्फ 75 दिन की डेटिंग के बाद शादी. एक्ट्रेस सुहासिनी मुले की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. जानिए कैसे फेसबुक पर न्यूक्लियर साइंटिस्ट अतुल गुर्तु से मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी और क्यों उनकी प्रेम कहानी आज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.
समाज कहता है कि शादी की एक उम्र होती है, प्यार की एक उम्र होती है. शादी की सही उम्र क्या है? 22 साल? 25 साल? या ज्यादा से ज्यादा 30 साल? समाज तो यही कहता है. एक्ट्रेस सुहासिनी मुले की कहानी ये है कि जिन्होंने शादी, प्यार के समाज के बनाए एज-कैलकुलेटर को डस्टबिन में डालकर अपनी जिंदगी दी. सोशल मीडिया पर सुहासिनी मुले की प्यार की कहानी एकदम वायरल हुई है.
समाज और सोशल मीडिया के कान खड़े हैं कि कैसे एक महिला ने 20 साल तक लिव-इन रिलेशन में रहने के बाद, 20 साल तक सिंगल रहने के बाद कैसे 60 साल की उम्र में शादी रचा ली? शादी और प्यार की कहानी भी फेसबुक चैट से शुरू हुई. मैरिज तो लेट की लेकिन जब प्यार किया कि सिर्फ 75 दिन की डेटिंग शादी के मंडप तक पहुंच गई. शादी की इस अनोखी कहानी से एकदम चर्चित चेहरा बनी हैं सुहासिनी मुले. उन्होंने खुद अपनी लव लाइफ, लाइफ जर्नी की कहानी सुनाई तो हर किसी का ध्यान गया सुहासिनी मुले पर. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
60 की सुहासनी को फेसबुक पर मिला प्यार!
प्यार और हमसफर की किसी फिक्स टाइम पर दस्तक नहीं होती, जब होनी होती है तो हो जाती है और सुहासिनी मुले के साथ भी यही हुआ. बॉलीवुड की चर्चित सुहासिनी को प्यार अपनी इंडस्ट्री में नहीं मिला. उनके प्रेम कहानी की शुरुआत किसी फिल्मी सेट पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हुई थी. 2011 में, जब सुहासिनी मुले 60 बरस की हो चुकी थीं, तब उन्होंने फेसबुक पर अकाउंट बनाया. फेसबुक की दुनिया में मुलाकात देश के जाने-माने न्यूक्लियर साइंटिस्ट प्रोफेसर अतुल गुर्तु से हुई. फेसबुक स्क्रॉल करते समय अतुल गुर्तु की प्रोफाइल सजेशन में दिखी.
प्रोफेसर अतुल उस समय जिनेवा में दुनिया की सबसे बड़ी साइंस लैब ‘लार्ज हैड्रॉन कोलायडर’ (LHC) प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे. सुहासिनी ने कौतूहल में उन्हें मैसेज किया-‘आखिर ये गॉड पार्टिकल (LHC) क्या होता है?’ बस, विज्ञान के इसी एक सवाल से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे गहरी दोस्ती और फिर अटूट प्यार में बदल गई. चैट के दौरान अतुल गुर्तू ने मन की बात शेयर की कि वो जीवनसाथी की तलाश में हैं. सुहासिनी ने कहा- उन्होंने कभी सीधे-सीधे प्रपोज नहीं किया, बस ये सोचा कि जब 60 साल में सही इंसान नहीं मिला तो अब अचानक कैसे मिल जाएगा? पहले अतुल के बारे में कन्फर्म किया. फिर विश्वास किया कि यही है राइट च्वाइस है. उन्होंने एकदम विश्वास तो नहीं किया लेकिन अतुल के कहने पर कोशिश की. 15 साल से चल रही शादीशुदा जिंदगी कोशिश से आज खूब खुशी-खुशी चल रही है.
75 दिन की मुलाकात और फिर शादी!
जिस दौर में सुहासिनी फेसबुक पर आईं और उनका सवाल आया उस दौर में प्रोफेसर अतुल अकेलेपन से जूझ रहे थे. उनकी पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी थी. पता नहीं नए जीवनसाथी की तलाश थी या नहीं लेकिन सुहासिनी और अतुल जिंदगी के ऐसे मोड़ पर ऐसे मिले न जाने कैसे प्यार होता गया. सिर्फ 75 दिन में मुलाकातें ऐसे मुकाम पर पहुंची कि दोनों इस नतीजे पर पहुंचे कि हमें शादी कर लेनी चाहिए. तब सुहासिनी 60 की थीं और रिटायर्ड प्रोफेसर अतुल 65 के साथ. ये सोचते हुए शादी की कि समाज तो हर हाल में बातें करेगा. जब शादी नहीं की तब भी लोग बोले और जब 60 साल में शादी की तब भी बोले.
देश और समाज का कोई नियम कानून किसी भी उम्र में किसी को प्यार या शादी करने से नहीं रोकता. सुहासिनी और अतुल ने आर्य समाज मंदिर में सात फेरे ले लिए. जब मैरिज सर्टिफिकेट लेने कोर्ट पहुंचा, तो सरकारी अफसर ने समझा दो बुजुर्ग पुरानी शादी का सर्टिफिकेट लेने आए हैं. जब सुहासिनी ने कहा कि वो और अतुल शादी का रजिस्ट्रेशन कराने आए हैं तो अधिकारी के मुंह से निकला-आप और अंकल?
पर्दे से कहीं रियल लाइफ में बोल्ड है सुहासनी!
सुहासिनी मुले जितनी पर्दे पर सशक्त दिखीं असल जिंदगी में उनका मिजाज उससे भी कहीं ज्यादा बोल्ड था. आज भले ही ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ आम बात लगती हो, लेकिन सुहासिनी मुले उस दौर में 20 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहीं जब इस शब्द को बोलना भी गुनाह माना जाता था. समाज की परवाह किए बिना करीब 20 साल तक अपने पार्टनर के साथ बिना शादी के एक ही छत के नीचे रहीं. हालांकि, 1990 में आपसी सहमति से यह रिश्ता टूट गया, लेकिन सुहासिनी ने कभी भी अपने फैसलों पर न तो अफसोस जताया और न ही समाज के तानों के आगे घुटने टेके. बस फैसला किया कि शादी नहीं करनी. लिव इन रिलेशनशिप किसके साथ था, क्यों इतने साल चलने के बाद टूट गया, इसके बारे में कभी उन्होंने बात नहीं की.
लिव इन रिलेशनशिप टूटने के बाद सुहासिनी मुले की जिंदगी में अकेलापन आया, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया. उस दौर में तब सुहासिनी ने अपने समाज, परिवार से न जाने क्या क्या सुना होगा. सुहासिनी की सोच रही कि वो किसी भी रिश्ते में सिर्फ ‘शादी’ के टैग के लिए समझौता नहीं करेंगी, उन्हें एक बराबरी का लाइफ-पार्टनर चाहिए था. उन्होंने अकेले ही पूरी दुनिया घूमी, अपना शानदार करियर संभाला और साबित किया कि एक महिला अकेले भी खुश और मुकम्मल रह सकती है.
20 साल की उम्र से थी रिलेशनशिप में सुहासनी!
आप सोचिए ना कि 1990 में जब वो 40 साल की थी 20 साल की रिलेशनशिप के बाद उनका ब्रेकअप हो चुका था. सुहासिनी की जिंदगी में प्यार ने तो 20 साल की उम्र में दस्तक दी थी लेकिन उस प्यार में ठहराव नहीं था इसलिए एक दिन उसे जाना पड़ा. आगे वो नई शुरूआत कर सकती थी लेकिन उन्होंने सिंगल रहने का फैसला किया. 1990 से 2011 तक फेसबुक अकाउंट बनाने तक सुहासिनी ने मैरिटल स्टेट्स सिंगल के साथ पूरी जिंदगी जी ली. 60 की हो चुकी थी. इस उम्र में लोग न जाने क्या क्या सोचने लगते हैं. उन्होंने वो सोचा जो शायद बहुत कम लोग सोच और कर पाते हैं. फॉर्मली शादी करने, मांग में पति के नाम का सिंदूर लगाने का.
कौन हैं अतुल गुर्तु?
सुहासिनी मुले के हमसफर प्रोफेसर अतुल गुर्तु लाहौर में जन्मे और पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़कर देश के दिग्गज न्यूक्लियर साइंटिस्ट बने. मुंबई के मशहूर ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च'(TIFR) में करीब 40 साल तक नौकरी की. 1971 में उन्होंने प्रोमिला बावा से शादी की थी. 36 साल के लंबे और खूबसूरत सफर के बाद पहली पत्नी का कैंसर से निधन हो गया. जाती हुई पत्नी से वादा किया था कि डिप्रेशन में रोएंगे नहीं, आखिरी वक्त तक खुश रहेंगे. सुहासिनी और अतुल की सिम्पलिसिटी ही दोनों के प्यार, शादी की बुनियाद बनी.
15 साल की उम्र से शुरू हुआ सुहासिनी का करियर
सुहासिनी का जन्म मराठी परिवार में हुआ लेकिन पटना में 1950 में. केवल 3 साल की उम्र में सुहासिनी के पिता नहीं रहे. सिंगल मदर विजय मुले ने अकेले परवरिश की. विजय मुले डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर हुआ करती थी. मां ने बचपन में एक बात गांठ बांध दी कि बिना झुके, अपनी शर्तों पर जीना सीखो. मां के फिल्म लाइन में होने से कम उम्र में सुहासिनी ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया. टीन एज में 15 साल की उम्र में पीयर्स सोप के एड के साथ सुहासिनी का करियर शुरू हुआ. थोड़ी और बड़ी हुईं तो बड़े डायरेक्टर मृणाल सेन की नजर पड़ी सुहासिनी पड़ी. तब भुवन शोम बना रहे मृणाल सेन ने उन्हें उत्पल दत्त के ओपोजिट बतौर एक्ट्रेस लॉन्च कर दिया.
भुवन शोम फिल्म न केवल चल पड़ी बल्कि भारतीय सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाती है. भुवन शोम की सक्सेस के हिसाब से एक्ट्रेस सुहासिनी मुले का एक्टिंग करियर भी चल पड़ना था लेकिन अचानक उन्हें सब कुछ छोड़ दिया और ज्यादा सीखने के लिए कनाडा चली गईं. ये गलती थी या मास्टरस्ट्रोक, ये सिर्फ वही बता सकती हैं.
एक्टिंग करियर छोड़ गई थी कनाडा!
पता नहीं सुहासिनी मुले कनाडा नहीं जातीं तो एक्टिंग करियर और कहां किस लेवल पर जाता. सुहासिनी ने स्टारडम की दुनिया को छोड़ कनाडा जाकर एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी और मास कम्युनिकेशन की डिग्रियां ली. 1975 में भारत लौटकर उन्होंने सत्यजीत रे के साथ बतौर असिस्टेंट काम करना शुरू किया. वापस मृणाल सेन से जुड़ीं लेकिन एक्ट्रेस के तौर पर नहीं, मृगया की असिस्टेंट डायरेक्टर बनकर. आगे उन्होंने खुद से 60 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्रीज बनाईं. जिनमें से 4 को नेशनल अवॉर्ड मिले.
एक्ट्रेस से शुरु हुआ सुहासिनी मुले का करियर डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर की ओर मुड़ गया. करीब 30 साल बाद उन्होंने 1999 में गुलजार की फिल्म ‘हू तू तू’ से बड़े पर्दे पर उनकी धमाकेदार वापसी हुई. फिर अवॉर्ड मिला. उन्होंने ज्यादा फिल्में नहीं की लेकिन जितनी की उससे 5 बार नेशनल अवॉर्ड मिले. जो काम किया वो मृणाल सेन, गुलजार, आशुतोष गोवारिकर, आमिर खान जैसे डायरेक्टर, एक्टर के साथ किया. पर्सनल लाइफ की तरह एक्टिंग में री एंट्री के बाद भी उन्हें धमाका किया. सुहासिनी मुले ने करीब 56 साल की उम्र में इरफान खान के साथ की फिल्म यूं होता तो क्या होता में टॉपलेस सीन की शूटिंग भी की और किसिंग सीन भी दिए.
आमिर खान की फिल्म लगान में भुवन की मां यशोदा के रोल में उन्हें घर-घर में चर्चित बना दिया. जवानी में ट्रैक बदलने वाली सुहासिनी बॉलीवुड की मां बनकर मशहूर हुईं. ‘दिल चाहता है’ में सिड की मॉडर्न मां बनी तो जोधा अकबर में रानी पद्मावती. करीब 50 साल की उम्र में नए सिरे से एक्टिंग करियर पर फोकस किया. 76 साल की उम्र में 60 से ज्यादा फिल्में ओटीटी सीरीज में काम किया. सुहासिनी मुले ने इस शर्त पर एक्टिंग करियर पर फोकस किया कि उनकी हाजिरी नहीं होगी, दमदार अदाकारी होगी. दूसरी इनिंग में हर साल उनकी कोई न कोई दो-एक, दो एक फिल्में आती ही हैं.



