भारत में बेखौफ हो चुके साइबर ठगों ने अब आम आदमी के साथ ही बड़े-बड़े और पावरफुल लोगों को भी निशाना बना शुरू कर दिया है। इस बार तो इन ठगों ने पूर्व पीएम गुजराल के बेटे के साथ 7 करोड़ रुपये की ठगी कर कानून और सुरक्षा एजेंसियों को ठेंगा दिखा दिया है।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने नरेश गुजराल की फोटो का इस्तेमाल कर उनके कर्मचारी को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा और करीब 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।
जालसाजों ने गुजराल के कर्मचारी से कहा कि वे एक महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त हैं और तत्काल इस खाते में रकम ट्रांसफर करनी है। पीड़ित की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एफआईआर दर्ज कर ठगी गई रकम में से करीब चार करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं।
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब पूर्व सांसद नरेश गुजराल के कर्मचारी ने संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी उनकी बेटी दीक्षा को दी। शक होने पर दीक्षा ने तुरंत अपने पिता से संपर्क किया तो ठगी किए जाने का पता चला। इसके बाद दीक्षा ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर इसकी शिकायत दी।
वॉट्सऐप स्टेटस लगाकर मांगे रुपये
पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे के साथ 7.8 करोड़ की साइबर ठगी मामले में दिल्ली पुलिस ने चार करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। आईएफएसओ यूनिट के मुताबिक, इस साइबर धोखाधड़ी में कुल 7.80 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज जांच तेज कर दी है।
इस मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जालसाजों ने किस तरह नरेश गुजराल की पहचान का दुरुपयोग किया और धनराशि किन-किन खातों में आगे भेजी गई है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े सभी जालसाजों का पता लगाया जा सके। ठगों ने नरेश गुजराल की फोटो लगाकर उनके फाइनेंस से जुड़े एक भरोसेमंद कर्मचारी को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर यह फर्जीवाड़ा किया था। कर्मचारी ने ठग के मैसेज पर भरोसा करते हुए 12 से 16 जून के बीच चार आरटीजीएस ट्रांजैक्शन के जरिये 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ये सावधानियां बरतें
● वॉट्सऐप पर प्रोफाइल फोटो देखकर ही भरोसा न करें।
● रुपये ट्रांसफर करने से पहले एक बार कॉल कर पुष्टि करें।
● मैसेज पर आए भुगतान निर्देश को ढंग से जांचें।
● बड़े भुगतान करने के लिए दोहरी मंजूरी रखें।
डरें नहीं, शिकायत दर्ज कराएं
● साइबर ठगी का शिकार होते ही तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें
● साथ ही cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
● अपने नजदीकी थाने और चौकी में भी संपर्क करें।



