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Arms License Report: बेटों से ज्यादा बेटियों को सौंपी जा रही असलहों की विरासत; देखें प्रयागराज का आंकड़ा

Prayagraj Arms License Succession: समाज में बेटियों के प्रति बढ़ते विश्वास और समान अधिकारों की भावना की एक नई बानगी संगम नगरी में देखने को मिली है। यूपी के प्रयागराज जिले में बड़ी संख्या में लोग अपने शस्त्र लाइसेंस और असलहों की विरासत बेटियों के नाम कर रहे हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में 1050 शस्त्र लाइसेंसों का उत्तराधिकार संतानों के नाम किया गया है, जिनमें सबसे अधिक 418 बेटियां शामिल हैं। इनमें 106 अविवाहित पुत्रियां भी हैं।

Arms License Report: बेटों से ज्यादा बेटियों को सौंपी जा रही असलहों की विरासत; देखें प्रयागराज का आंकड़ा
Arms License Report: बेटों से ज्यादा बेटियों को सौंपी जा रही असलहों की विरासत; देखें प्रयागराज का आंकड़ा

देखें प्रयागराज के आंकड़े

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, पहले अधिकतर मामलों में शस्त्र लाइसेंस की विरासत पुत्रों को दी जाती थी, लेकिन अब सोच में बदलाव दिखाई दे रहा है। कई लाइसेंस धारकों ने पुत्र होने के बावजूद अपनी बेटियों को प्राथमिकता देते हुए उनके नाम वसीयत लिखी है। वहीं, 88 मामलों में पत्नी के नाम भी विरासत दर्ज की गई है, जबकि 544 मामलों में पुत्रों को उत्तराधिकारी बनाया गया है।

अक्टूबर में कई लंबित फाइलों का निपटारा

अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित विरासत संबंधी मामलों के निस्तारण में तेजी लाई गई है। अक्टूबर 2025 से इस प्रक्रिया को गति मिलने के बाद बड़ी संख्या में लंबित फाइलों का निपटारा किया गया है।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के अनुसार, बिना विवाद वाले मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है। यह बदलाव न केवल में सुधार को दर्शाता है, बल्कि बेटियों के प्रति समाज के बदलते नजरिए और बढ़ते भरोसे का भी प्रतीक बनकर उभर रहा है।

विदेशी असलहों का बढ़ा शौक

जिले में आधुनिक और विदेशी असलहों का शौक भी बढ़ रहा है। प्रयागराज के करछना, मेजा और बारा क्षेत्र के लाइसेंस धारकों ने पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में पुराने हथियार बदलकर नए और महंगे मॉडल खरीदे है। जिले में 6238 लोगों ने अपने असलहे बदले हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या इन क्षेत्रों की है।

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