Agra Bulldozer Action Encroachment: उत्तर प्रदेश में इन दिनों सरकारी जमीनों, तालाबों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर हुए अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रशासनिक अमला लगातार ऐसे कब्जों को हटाने में जुटा हुआ है। इस अभियान की गूंज अब राष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई देने लगी है, क्योंकि कार्रवाई धर्म विशेष तक सीमित न रहकर हर उस निर्माण पर की जा रही है जो सरकारी भूमि पर अवैध रूप से खड़ा पाया जा रहा है।

ताजनगरी आगरा में भी प्रशासन का बुलडोजर लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है। हाल ही में सदर तहसील क्षेत्र के अंगूठी गांव में तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को हटाया गया। इसके बाद एमजी रोड स्थित चर्चित और करीब 400 वर्ष पुरानी मजार को भी प्रशासन ने हटाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया। इन कार्रवाइयों को लेकर प्रदेशभर में चर्चा बनी हुई है।
सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप
इसी बीच अखिल भारत हिंदू महासभा ने आगरा के मेंटल हॉस्पिटल के समीप सरकारी भूमि पर कथित रूप से बने मजार और मस्जिद को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई है। संगठन का दावा है कि लगभग तीन बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसे तत्काल हटाया जाना चाहिए। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।
व्यापक जनआंदोलन की चेतावनी
की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने इस मुद्दे पर विवादित बयान देते हुए कई धार्मिक और ऐतिहासिक सवाल उठाए हैं। वहीं संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकारी भूमि से कथित अवैध कब्जे नहीं हटाए गए तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
उधर, प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, चाहे वह किसी व्यक्ति, संस्था या धार्मिक स्थल का क्यों न हो, यदि सरकारी भूमि पर पाया गया तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आगरा एक बार फिर और धार्मिक अतिक्रमणों को लेकर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है।
तालाबों, सड़कों और सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने के बाद अब मेंटल हॉस्पिटल के पास कथित अवैध मजार और मस्जिद को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने प्रशासन से बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा।



