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नई गाड़ी खरीदने की जरूरत नहीं! सिर्फ ₹15 हजार में Flex Fuel मॉडल बन सकती है आपकी कार?

भारत में इथेनॉल मिक्स पेट्रोल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है. भारतीय शुगर और बायोएनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने ऐसी इथेनॉल कन्वर्जन किट का प्रस्ताव दिया है, जिसकी मदद से मौजूदा पेट्रोल कारों को E85 और E100 जैसे फ्लेक्स फ्यूल वाले पेट्रोल पर चलने के हिसाब से कन्वर्ट किया जा सकता है.

नई गाड़ी खरीदने की जरूरत नहीं! सिर्फ ₹15 हजार में Flex Fuel मॉडल बन सकती है आपकी कार?

ISMA के अनुसार, अगर यह तकनीक मंजूर हो जाती है और इसका स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू होता है, तो ग्राहक के लिए इसकी कीमत लगभग ₹15,000 तक रखी जा सकती है. हालांकि, फिलहाल यह तकनीक परीक्षण चरण में है और इसे भारत में व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी नहीं मिली है. अगर सरकार, वाहन निर्माता कंपनियां और नियामक संस्थाएं इस प्रस्ताव का समर्थन करती हैं, तो देश के लाखों पेट्रोल कार मालिकों को नई फ्लेक्सफ्यूल कार खरीदने की बजाय कम खर्च में अपनी मौजूदा कार को अपग्रेड करने का विकल्प मिल सकता है. इसके बाद फ्लेक्स फ्यूल कार खरीदने की जरूरत नहीं होगी.

मारुति की इस कार में की गई टेस्टिंग

ISMA ने इस तकनीक का परीक्षण करने के लिए विदेश से इथेनॉल कन्वर्जन किट मंगाई और इसके मूल्यांकन के लिए IIT दिल्ली के साथ काम किया. परीक्षण के लिए BS4 मानक वाली एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार का उपयोग किया गया. इस कार को E20, E85 और E100 जैसे अलगअलग इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों पर चलाया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षण के दौरान कार ने लगभग 5,000 से 10,000 किलोमीटर तक सफर किया और वाहन में किसी प्रकार का नुकसान नहीं देखा गया. ISMA का दावा है कि सही तरीके से डिजाइन और कैलिब्रेट की गई किट की मदद से BS4 और BS6 पेट्रोल वाहनों को फ्लेक्सफ्यूल वाहन में बदला जा सकता है.

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक वाहन पर सफल परीक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि यह तकनीक हर कार में समान रूप से काम करेगी. अलगअलग कारों के इंजन, फ्यूल सिस्टम और उत्सर्जन नियंत्रण तकनीक अलग होती हैं.

कैसे काम करती है किट?

एक एथेनॉल कन्वर्जन किट में एथेनॉल सेंसर, इंजन कंट्रोल सॉफ्टवेयर, फ्यूल इंजेक्शन सेटिंग्स, कोल्ड स्टार्ट सिस्टम, इग्निशन टाइमिंग में बदलाव और एथेनॉलप्रतिरोधी पार्ट्स शामिल हो सकते हैं. इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होती है, इसलिए इंजन को समान शक्ति देने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ती है. ₹15,000 की कीमत इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह नई फ्लेक्सफ्यूल कार खरीदने की तुलना में काफी सस्ता विकल्प होगा. खासतौर पर BS4 और BS6 कार मालिकों, टैक्सी ऑपरेटरों और अधिक किलोमीटर चलने वाले वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है. हालांकि, केवल किट की कीमत ही अंतिम खर्च नहीं होगी. इंस्टॉलेशन, प्रमाणन, निरीक्षण और जरूरत पड़ने पर कुछ पार्ट्स बदलने का खर्च भी जुड़ सकता है. इसलिए वास्तविक लागत ₹15,000 से अधिक हो सकती है.

देश में शुरू हुई E85 पेट्रोल की बिक्री

भारत में जून 2026 से E85 ईंधन की बिक्री शुरू हो चुकी है. शुरुआत में इसे 48 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया गया है. सरकार की योजना दिसंबर 2026 तक इसे 500 और 2027 के अंत तक लगभग 5,000 पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने की है. फिलहाल E85 की कीमत पेट्रोल से करीब ₹20 प्रति लीटर कम रखी गई है. लेकिन एथेनॉल की ऊर्जा घनत्व कम होती है, इसलिए वाहन को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में वास्तविक बचत वाहन और उपयोग के तरीके पर निर्भर करेगी.

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