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18 हजार करोड़ जुटाने की तैयारी में SBI-Axis बैंक, RBI की स्कीम से मिलेगा फायदा

भारतीय बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की बड़ी संस्थाएं विदेशी बाजारों से पूंजी जुटाने की तैयारी में हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन मिलकर करीब 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहे हैं. इन संस्थानों को भारतीय रिजर्व बैंक की नई स्वैप सुविधा से लागत कम करने में मदद मिलेगी. माना जा रहा है कि अगले सप्ताह से विदेशी बॉन्ड बाजार में कई बड़े इश्यू देखने को मिल सकते हैं.

18 हजार करोड़ जुटाने की तैयारी में SBI-Axis बैंक, RBI की स्कीम से मिलेगा फायदा

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 5 जून को घोषित 1.5 प्रतिशत फिक्स्ड रेट स्वैप सुविधा का लाभ उठाने के लिए देश के बड़े बैंक और वित्तीय संस्थान विदेशी कमर्शियल बॉरोइंग के जरिए धन जुटाने की तैयारी कर रहे हैं. इस योजना के तहत विदेशी मुद्रा में जुटाए गए फंड को कम लागत पर रुपये में परिवर्तित किया जा सकेगा, जिससे उधारी की कुल लागत घटेगी.

SBI जुटा सकता है 1 अरब डॉलर तक

बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, SBI अगले सप्ताह 1 अरब डॉलर तक जुटाने पर विचार कर रहा है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक होने के कारण विदेशी निवेशकों की इसमें अच्छी दिलचस्पी रहने की उम्मीद है. वहीं एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य संस्थान शुरुआती चरण में 500 मिलियन डॉलर तक के छोटे इश्यू ला सकते हैं.

MTN प्रोग्राम से मिलेगा फायदा

इन सभी संस्थानों के पास पहले से मीडियम टर्म नोट प्रोग्राम मौजूद हैं. इसके कारण उन्हें नए बॉन्ड इश्यू के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया में ज्यादा समय नहीं लगेगा. तैयार निवेशक आधार और पूर्व स्वीकृत ढांचे की वजह से ये संस्थान कम समय में बाजार में उतर सकते हैं.

हाल ही में HDFC बैंक ने GIFT सिटी के जरिए 750 मिलियन डॉलर के पांच वर्षीय डॉलर बॉन्ड जारी कर सफलतापूर्वक पूंजी जुटाई थी. इस इश्यू को निवेशकों से अच्छा प्रतिसाद मिला. बैंक ने इसे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड से सिर्फ 90 बेसिस पॉइंट ऊपर मूल्यांकित किया, जो किसी भारतीय निजी बैंक के लिए सबसे कम स्प्रेड में से एक माना गया.

रुपये को मजबूती देने की भी कोशिश

RBI की यह स्वैप सुविधा केवल सस्ती फंडिंग उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है. इसका उद्देश्य विदेशी डॉलर प्रवाह बढ़ाकर रुपये को भी मजबूती देना है. वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में कमजोरी दिखाने वाला रुपया हाल के दिनों में सुधरकर 94.32 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेश और डॉलर प्रवाह बढ़ने से भारतीय मुद्रा को आगे भी समर्थन मिल सकता है.

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