India

इधर डील-डील खेलते रहे ईरान-अमेरिका! उधर इजराइल ने की दी बमबारीः 16 की मौत

वॉशिंगटन। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच शुक्रवार को सीजफायर पर सहमति बनी थी। इसके 8 घंटे बाद ही इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर हवाई हमले किए।
अल जजीरा के मुताबिक, इजराइली सेना ने ड्रोन और तोपों से नबाहितए इलाके में हमला किया जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।

इधर डील-डील खेलते रहे ईरान-अमेरिका! उधर इजराइल ने की दी बमबारीः 16 की मौत

इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।

दूसरी ओर, CNN के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद आगे की शर्तों पर बातचीत के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शनिवार को स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी इस बातचीत में शामिल हो सकते हैं।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस बातचीत के लिए आज स्विट्जरलैंड पहुंच सकते हैं।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. ईरानअमेरिका वार्ता टली: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली पहली औपचारिक वार्ता टाल दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में लगातार इजराइली हमलों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं। हालांकि, CNN ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं।

2. लेबनान में इजराइली हमलों में 47 लोगों की मौत: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में शुक्रवार देर रात से हुए इजराइली हवाई हमलों में 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए। 2 मार्च से अब तक मरने वालों की संख्या 3,980 पहुंच गई है।

3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ी: अमेरिकाईरान समझौते के बाद 18 जून को 25 कारोबारी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। यह अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है। हालांकि, 500 से ज्यादा जहाज और 11 हजार नाविक अब भी खाड़ी में फंसे हुए हैं।

4. ट्रम्प बोले ईरान को एक पैसा भी नहीं मिलेगा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका मजबूरी में बातचीत की मेज पर नहीं आया, बल्कि ईरान खुद आया है। उन्होंने कहा कि अगले 60 दिनों तक ईरान को अमेरिका से एक पैसा भी नहीं मिलेगा।

5. पाकिस्तानी PM ने सऊदी क्राउन प्रिंस से की बात: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और अगले दौर की बातचीत को कूटनीति और संवाद के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

ईरानी न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्री अराघची को चेतावनी दी
ईरान में अमेरिका के साथ हुए समझौते को लेकर घरेलू विरोध बढ़ता दिख रहा है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मिलने के लिए यूरोप नहीं जाने की चेतावनी दी है।

एजेंसी ने लिखा कि अराघची का विटकॉफ से मिलने का अब कोई मतलब नहीं है। ईरानअमेरिका के बीच हुए 14 पॉइंट की पहली शर्त लेबनान पर हमला रोकने की थी लेकिन यह अब टूट चुकी है। ऐसी हालत में अमेरिका से बातचीत जारी रखना बहुत बड़ी गलती होगी। तस्नीम एजेंसी ने जल्द से जल्द होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की सलाह दी। तस्नीम को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का करीबी माना जाता है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद को जानिए
ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। ईरान लगातार दावा करता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। लेकिन अमेरिका और इजराइल इस दावे को नहीं मानते। उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।

2015 का परमाणु समझौता क्या था?

2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का स्तर 3.67% तक सीमित रखने पर सहमति दी थी।

3.67% संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बिजलीघरों के ईंधन के रूप में किया जा सकता है।

परमाणु हथियार बनाने के लिए आमतौर पर 90% या उससे अधिक संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है।

ट्रम्प के फैसले के बाद क्या बदला?

2018 में ट्रम्प ने अमेरिका को 2015 के परमाणु समझौते से बाहर निकाल लिया।

इसके बाद ईरान ने धीरेधीरे यूरेनियम संवर्धन का स्तर बढ़ाना शुरू कर दिया।

ईरान ने खुले तौर पर 3.67% की सीमा से ऊपर जाना शुरू किया।

ईरान कितनी दूर पहुंच गया था?

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक जून 2025 तक ईरान 60% तक यूरेनियम संवर्धन कर रहा था।

उसके पास 60% संवर्धित यूरेनियम का करीब 400 किलोग्राम भंडार था।

यह स्तर परमाणु हथियार के लिए जरूरी 90% से नीचे है, लेकिन नागरिक उपयोग के लिए जरूरी स्तर से काफी ज्यादा है।

अचानक ईरान पहुंचे पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शनिवार को अचानक ईरान पहुंचे। अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह हुए शांति समझौते के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी की यह पहली ईरान यात्रा है।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नकवी सबसे पहले ईरान के धार्मिक शहर मशहद पहुंचे। बाद में ईरानी मीडिया ने बताया कि वह राजधानी तेहरान के लिए रवाना हो गए, जहां उनकी ईरान के सीनियर नेताओं से मुलाकात होनी है।

इस्लामाबाद ने नकवी की यात्रा की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली तकनीकी स्तर की वार्ता पर चर्चा करेंगे। यह बातचीत 19 जून से शुरू होनी थी, लेकिन बाद में टाल दी गई।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति समझौते को लेकर कहा कि पाकिस्तान में प्रेस की उतनी आजादी नहीं है, जितनी अमेरिका में है। इसलिए वहां के नेताओं को यह उम्मीद नहीं थी कि समझौते का पूरा मसौदा जनता और मीडिया के सामने रखा जाएगा।

वेंस ने यह बयान उस विवाद के बीच दिया, जिसमें सवाल उठ रहे थे कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रस्तावित समझौते का ड्राफ्ट सार्वजनिक करने में देरी क्यों हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बड़े समझौतों को जनता के सामने रखना जरूरी माना जाता है, ताकि लोग उन्हें पढ़ सकें, समझ सकें और उन पर सवाल उठा सकें।

वेंस ने कहा कि पाकिस्तान और कतर की राजनीतिक व्यवस्था अमेरिका से अलग है। वहां सरकारों से इस तरह की पारदर्शिता की अपेक्षा कम होती है। इसी वजह से समझौते को सार्वजनिक करने को लेकर अलगअलग सोच देखने को मिली।

कई लोगों को उनका बयान थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि सवाल समझौते की रिलीज पर था, लेकिन जवाब में वे पाकिस्तान की प्रेस स्वतंत्रता पर टिप्पणी करने लगे।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply