BusinessIndia

बंद हो गया ईरान-US युद्ध, फिर भी अभी तक नहीं घटे कच्चे तेल के दाम, कब तक मिलेगी राहत?

मध्य पूर्व में हुए युद्ध और उसके बाद पैदा हुए भूराजनीतिक तनाव का असर दुनिया के तेल बाजार पर साफ दिखाई दिया. इराक, जो दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है, इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित देशों में रहा. युद्ध के दौरान ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने से तेल की आपूर्ति बाधित हो गई और इराक को अपने कई तेल क्षेत्रों में उत्पादन कम करना पड़ा.

बंद हो गया ईरान-US युद्ध, फिर भी अभी तक नहीं घटे कच्चे तेल के दाम, कब तक मिलेगी राहत?

हालांकि अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. इराकी अधिकारियों का कहना है कि देश अगले एक से दो महीनों में युद्ध से पहले के तेल उत्पादन स्तर पर वापस लौट सकता है.

उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू

इराक के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता सलीम फरहूद ने सरकारी समाचार एजेंसी INA को बताया कि जिन तेल क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता घटाई गई थी, वहां अब फिर से उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि तेल उद्योग धीरेधीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही उत्पादन पहले के स्तर तक पहुंच सकता है.अधिकारियों के मुताबिक, तेल क्षेत्रों में तकनीकी और संचालन संबंधी गतिविधियां तेज कर दी गई हैं ताकि उत्पादन क्षमता को जल्द बहाल किया जा सके.

अमेरिकाईरान समझौते से मिली राहत

इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर हुए समझौते ने तेल बाजार को कुछ राहत दी है. हालांकि दोनों देशों के बीच आगे की वार्ताएं अभी पूरी तरह सफल नहीं हो सकी हैं, फिर भी शुरुआती समझौते के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही धीरेधीरे सामान्य होने लगी है.इराक के तेल मंत्री बासेम खोदैर ने कहा कि जैसेजैसे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल परिवहन सुचारू होगा, देश का निर्यात भी बढ़ता जाएगा.

निर्यात में आई थी भारी गिरावट

युद्ध शुरू होने से पहले इराक प्रतिदिन लगभग 35 लाख बैरल तेल का निर्यात करता था. इसका अधिकांश हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भेजा जाता था. लेकिन संकट के दौरान निर्यात में भारी गिरावट आई. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में इस मार्ग से केवल 1 करोड़ बैरल तेल का निर्यात हो सका, जबकि युद्ध से पहले यह आंकड़ा औसतन 9.3 करोड़ बैरल था.

तेल पर निर्भर है इराक की अर्थव्यवस्था

इराक की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल निर्यात पर आधारित है. देश की कुल आय का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल के निर्यात से आता है. ऐसे में उत्पादन और निर्यात का सामान्य होना सरकार के राजस्व, आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय स्थिति स्थिर रहती है तो आने वाले महीनों में इराक का तेल क्षेत्र तेजी से उबर सकता है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply