नई दिल्ली: कच्चे तेल के दाम कम होने के बाद अब भारत में लोगों की नजर सस्ते पेट्रोल और डीजल पर टिकी है। देश में पेट्रोलडीजल के दाम कब होंगे, इस बारे में सरकार का जवाब आ गया है। अमेरिका और ईरान के बाद डील समझौता होने के बाद कच्चे तेल के दाम में कमी आई है। लेकिन इजरायल के हमले के बाद दाम में फिर से तेजी देखने को मिल रही है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को संकेत दिया कि अगर हाल ही में कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि वैश्विक तेल बाजारों में भारी उतारचढ़ाव के बावजूद घरेलू ईंधन की कीमतों में बहुत सीमित बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय मंत्री बोले थोड़ा समय लगेगा
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि तेल विपणन कंपनियां वर्तमान में ऊंचे दामों पर खरीदे गए कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी का फायदा खुदरा कीमतों में दिखने में थोड़ा समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनियों के पास महंगे दामों पर खरीदे गए कच्चे तेल का स्टॉक है। जब कम कीमत पर खरीदा गया क्रूड उनके पास पहुंचेगा, तो ईंधन की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
ईंधन की कीमतों पर दी सफाई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में व्यवधान और विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भूराजनीतिक तनाव के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रही हैं। पुरी ने कहा, अगर हम वास्तविक स्थिति को देखें, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
पश्चिम एशिया तनाव के कारण बढ़ी थी कीमत
पिछले कुछ हफ्तों में ईंधन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भूराजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है।
मिडल ईस्ट संकट शुरू होने के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और बेहद कम समय के भीतर कई बार कीमतों में बदलाव किए गए हैं।
इस बढ़ोतरी ने महंगाई, परिवहन लागत और घरेलू बजट पर दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही ईंधन की ऊंची कीमतों ने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को भी प्रभावित किया है।
क्या फिर बढ़ेंगे दाम?
इजरायल ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को मानने से इनकार कर दिया है। इजरायल अब ईरान पर हमले कर रहा है। ईरानअमेरिका के बीच हुए समझौते में लिखा है कि अमेरिका इजरायल पर हमले न करने का दबाव बनाएगा। लेकिन इजरायल ने इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया है। ऐसे में ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल के दाम फिर से बढ़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो भारत को सस्ते पेट्रोलडीजल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।



