
: इग्लैंड के ग्रेटर मैनचेस्टर में युवती के साथ बार-बार दुष्कर्म करने और उस पर गर्म चाय डालने वाले अपराधी को कोर्ट ने 16 साल की जेल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही आजीवन संपर्क नहीं करने का भी सख्त आदेश दिया है यानी 16 साल बाद जेल से छूटने पर अपराधी युवती के साथ किसी तरह का रिश्ता नहीं रख पाएगा.
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश वकील ने बताया कि 34 साल का बिलाल अल्फ्रोह युवती के प्रति बेहद आक्रामक हो जाता था और उसने कई बार उसके साथ दुष्कर्म करता था. ऐसा एक बार नहीं बल्कि बार-बार हुआ. पीड़िता के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी बिलाल अल्फ़्रोह को शुक्रवार (19 जून, 2026) को मिनशुल क्राउन कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया.
सजा सुनाए जाने के बाद डिटेक्टिव कॉन्स्टेबल एडम गावेकी ने कहा कि पीड़ित युवती ने इन भयानक अपराधों की रिपोर्ट करने में बहुत हिम्मत दिखाई, ताकि अल्फ्रोह को सजा दिलाई जा सके. अपने बयान में उसने बताया कि घटनाओं के इस भयानक सिलसिले का उस पर क्या असर पड़ा है – कैसे इसने लोगों से मिलने-जुलने की उसकी क्षमता को प्रभावित किया है. कैसे यह उसकी नींद और डिप्रेशन पर असर डालता है. वहीं, दोषी के कृत्य पर जज ने भी हैरानी जताई और जीवनभर पीड़िता नहीं मिलने का आदेश दिया है.
आक्रामक हो जाता था बिलाल
पीड़िता ने विस्तार से बताया कि कैसे आरोपी उसके प्रति आक्रामक हो जाता था और उसने कई बार उसके साथ दुषकर्म करता था. कोर्ट के आदेश पर अल्फ्रोह को अपनी सजा का कम से कम दो-तिहाई हिस्सा जेल में बिताना होगा. पीड़िता की सुरक्षा के लिए आजीवन रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी जारी किया गया है.
बेरहमी से शारीरिक और यौन हिंसा की
दोषी बिलाल अल्फ्रोह बार-बार दुष्कर्म करता था और एक बार तो बिलाल ने युवती पर गर्म चाय तक डाली दी. गॉर्टन के रहने वाले बिलाल अल्फ़्रोह ने पीड़िता के साथ बेरहमी से शारीरिक और यौन हिंसा की. अदालत को बताया गया कि एक बार अल्फ़्रोह ने उस पर जोर से जिम का वज़न (वेट) फेंका था, जिसके चलते उसे काफी चोटें आई थीं और जान जाते-जाते बची थी.
अब आगे बढ़ना चाहती है पीड़िता
अब पीड़िता ने कहा कि वह फिर से जीना शुरू करना चाहती है. इस क्रूर अपराधी यानी बिलाल अल्फ्रोह को 16 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है और उसे ज़िंदगी भर अपनी पीड़िता से दूर रहने का आदेश दिया गया है. अब पीड़िता का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि एक दिन वह यह सब भूल पाएंगीं और फिर से जीना शुरू कर पाएंगीं. बात सुनने के लिए और समय निकालने के लिए पीड़िता ने कोर्ट का भी धन्यवाद किया.



