Akhilesh Yadav Daughter Controversy: यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी पर अमर्यादित टिप्पणी के मामले में पुलिस का एक्शन देखने को मिला है। साइबर टीम ने 09 दिन बाद एक आरोपी को मध्य प्रदेश के रीवा से गिरफ्तार किया है। बीते रविवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। मुकदमें में सात साल से कम सजा की धारा होने के बावजूद गिरफ्तारी पर अदालत ने नाराजगी जताई और उसे छोड़ दिया।

इसके साथ ही गिरफ्तार करके लाने वाले पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच के आदेश दिए। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई। फिलहाल अभी दो आरोपी फरार हैं। सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने 10 जून को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मुलाकात की थी।
मेटा को लिखा पत्र
उन्होंने आरोप लगाया था कि विनोद कुमार यादव, भारत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल के नाम से बने फेसबुक अकाउंट पर तथ्यहीन बातें लिखकर सपा अध्यक्ष और उनकी बेटी की छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद ग्यारह जून को उन्होंने साइबर क्राइम थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया। वहीं पुलिस ने पोस्ट की जानकारी के लिए मेटा के अमेरिका स्थित मुख्यालय को पत्र भेजा था।
मेटा ने कोई जानकारी नहीं दी
इसमें आरोपियों की आईडी, आईपी एड्रेस के अलावा अकाउंट की एक्टिविटी का ब्योरा मांगा गया। लेकिन अब तक मेटा की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि आरोपी नागेश्वर एमकॉम पास है। इसके बेटे विदेश में हैं। वह पर खूब एक्टिव रहता है। उसके फेसबुक पर 76 हजार फॉलोवर्स हैं।
माफीनामा भी पोस्ट किया
पुलिस की पूछताछ में नागेश्वर ने बताया कि नौ जून को फेसबुक पर तीन से चार पोस्ट देखी थी। इसे अपने पेज से पोस्ट कर दिया था। लेकिन दो से तीन घंटे बाद पता चला कि वह फर्जी पोस्ट है तो अपनी पोस्ट डिलीट कर दिया था। इसके बाद माफीनामा भी पोस्ट किया था। पुलिस का कहना है कि एमपी के रीवा जिले के कल्याणपुर गांव निवासी नागेश्वर सिंह को उसके गृह क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।



