
यह मामला तब सामने आया जब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जेडीएन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान ने सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज के साथ जानकारी शेयर की
गुजरात के भावनगर के एक मेडिकल कॉलेज से एक शर्मनाक घटना सामने आ रही है, जिसने पूरे देश में स्टूडेंट सेफ्टी को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है. मामला भावनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) का है जहां सेकंड ईयर के 7 रेजीडेंशियल डॉक्टर्स को 13 जूनियर डॉक्टर्स की रैगिंग करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. शारिरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में नीलमबाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है.
4 महीनों तक चला खौफनाक खेल
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्व्यवहार का खुलासा एंटी-रैगिंग ई-पोर्टल मिली शिकायत से हुआ था. ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय सेता ने भी पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई. सरकार के निर्देश और मेडिकल कॉलेज के रैगिंग-विरोधी दस्ते की जांच की गई और पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एक्शन ले लिया. एफआईआर में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. जूनियर डॉक्टर्स पर प्रताड़ना की कहानी कोई एक-दो दिन की नहीं थी, बल्कि मार्च से लेकर जून 2026 तक यानी पूरे 4 महीने तक सर टी हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में यह खौफनाक खेल चलता रहा.



