राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार को हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए अलीगंज कोचिंग अग्निकांड ने शहर के बड़े और भीषण अग्निकांडों की याद दिला दी है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण हुए इन हादसों में कई लोगों की जान गई और करोड़ों का नुकसान हुआ।
रिहायशी इलाके में नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की गई यह कमर्शियल बिल्डिंग न सिर्फ अवैध थी, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से एक ‘डेथ ट्रैप’ बन चुकी थी।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि राजधानी आग की लपटों से घिरी हो। इससे पहले भी नवाबों का शहर सिस्टम की लापरवाही के कारण कई बार सुलग चुका है। इन हादसों के बाद पीछे रह जाती है परिवार वालों की पीड़ा, रोतेबिलखते परिजन… जिनके आंसुओं का हिसाब कोई नहीं दे पाया है। पढ़िए राजधानी के 6 बड़े अग्निकांड
सात लोगों की हो गई थी मौत
19 जून 2018: चारबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल एसएसजे इंटरनेशनल के एसी में शॉर्टसर्किट की वजह से आग लगी, जिसने निकट स्थित होटल विराट को भी अपनी चपेट में ले लिया।
दोनों होटलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। धुएं से दम घुटने और जलने से सात लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
दो बच्चों की हो गई थी मौत
15 अप्रैल 2026: विकासनगर के सेक्टर 11 की एक अवैध झुग्गी बस्ती में आग लग गई। इस बस्ती में लगभग 280 से अधिक मजदूरों के परिवार रहते थे।
आग के दौरान झुग्गियों के अंदर रखे 50 से अधिक एलपीजी सिलिंडरों में धमाके हुए, जिसने आग को बेकाबू कर दिया। इस हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक हजार से अधिक लोग बेघर हो गए।
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से किशोर हुआ था घायल
15 जून 2026: नगराम के देवती गांव स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया था। विस्फोट की चपेट में आकर फैक्ट्री मालिक की भांजी खुजौली गांव निवासी मारिया की मौत हो गई थी, जबकि 16 वर्षीय मोहित घायल हो गया था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर फैक्ट्री मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया था।
दम घुटने से चार लोगों की गई जान
5 सितंबर 2022: हजरतगंज स्थित चार मंजिला होटल लेवाना सुइट्स में सुबह के समय भीषण आग लग गई थी। होटल में आपातकालीन निकास न होने और खिड़कियों पर लोहे के ग्रिल लगे होने के कारण लोग अंदर ही फंस गए। हादसे में झुलसने और दम घुटने से चार लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
मेडिसिन मार्केट में आग लगने से दवाइयां खाक
26 मार्च 2015: अमीनाबाद की मेडिसिन मार्केट में शॉर्टसर्किट से भीषण आग लग गई। आग ने जल्द ही विकराल रूप धारण कर लिया और कई परिसर इसकी चपेट में आ गए।
संकरी गलियां होने के कारण फायर ब्रिगेड को अंदर घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस हादसे में करोड़ों रुपये की दवाएं और लगभग 50 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं।
पांच यात्रियों की गई जान
15 मई 2025: दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस जब लखनऊ बाईपास रूट से गुजर रही थी, तब उसमें अचानक आग लग गई। बस में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।
आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना में पांच यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई।
एबीवीपी ने सहायता के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर
लखनऊ: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अलीगंज में लगी भीषण आग पर गहरा शोक जताया है। साथ ही प्रभावित लोगों और एवं उनके परिजनों की आपात सहायता, जानकारी, समन्वय अथवा आवश्यक सहयोग के लिए हेल्पलाइन नंबर 9455172336, 9616418823, 8887583224, 8577046002 एवं 9454595537 जारी किए हैं।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता। दोषी पाए जाने वाले सभी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।



