देश की राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके से एक ऐसी सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने एक बार फिर आधी रात को फुटपाथ पर सोने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में सड़क किनारे अपने परिवार के साथ सो रही एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची को एक दरिंदे ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया और फिर पुलिस के डर से उसकी गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप 25 वर्षीय एक कैब ड्राइवर बबलू पर लगा है, जिसे दिल्ली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज 6 घंटे के भीतर दबोच लिया है।

यह खौफनाक घटनाक्रम सोमवार, 22 जून 2026 की तड़के सुबह करीब 5:00 बजे शुरू हुआ। मूल रूप से बिहार का रहने वाला एक अत्यंत गरीब परिवार, जो दिल्ली में दैनिक मजदूरी कर अपना गुजारा करता है, अपने चार बच्चों के साथ महरौली के सीडीआर चौक के पास फुटपाथ पर सोया हुआ था। इसी दौरान कैब ड्राइवर बबलू की नजर वहां सो रही 11 साल की बच्ची पर पड़ी। उसने चुपके से मासूम का अपहरण किया और उसे जबरन अपनी गाड़ी में डालकर गुरुग्राम की तरफ ले गया। आरोपी ने एक सुनसान और एकांत जगह पर ले जाकर मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस घिनौने कृत्य के बाद आरोपी के मन में शायद बच्ची को वापस छोड़ने का विचार आया था। वह उसे वापस महरौली इलाके की तरफ ही ला रहा था, लेकिन तभी उसे रास्ते में पुलिस की भारी मौजूदगी और नाकेबंदी दिखाई दे गई। इलाके में एक्टिव पुलिस बल को देखकर आरोपी बबलू बुरी तरह घबरा गया और पकड़े जाने के डर से उसने गाड़ी को दिल्लीगुरुग्राम बॉर्डर की तरफ मोड़ दिया। पुलिस की गिरफ्त से बचने की हड़बड़ाहट और अपनी करतूत को छुपाने के लिए वह मासूम को महरौली के एक घने जंगली इलाके में ले गया, जहां उसने बेरहमी से बच्ची का गला घोंटकर उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया और शव को फेंककर फरार हो गया।
इधर, सुबह करीब 7:00 बजे जब बच्ची के मातापिता की आंख खुली और उन्होंने अपनी बेटी को गायब पाया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित परिवार ने तुरंत बिना वक्त गंवाए दिल्ली पुलिस को मामले की सूचना दी और आशंका जताई कि एक कैब ड्राइवर उनकी बच्ची को उठाकर ले गया है। संकट की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। मामले की तफ्तीश के लिए फौरन कई सर्च टीमें गठित की गईं और फोरेंसिक विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने महरौली से लेकर हरियाणा और गुरुग्राम सीमा की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया।
तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी ट्रेल और स्थानीय मुखबिरों से मिले इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने देखा कि बच्ची आरोपी के साथ गाड़ी में मौजूद थी। इस पुख्ता वैज्ञानिक और तकनीकी इनपुट के तैयार होते ही दिल्ली पुलिस ने सोमवार की देर रात घेराबंदी कर आरोपी कैब ड्राइवर बबलू को धर दबोचा। पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीमें फरीदाबादगुरुग्राम रोड के पास सीमा से सटे जंगली इलाके में पहुंचीं, जहां से पीड़ित बच्ची का शव बरामद किया गया।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई को तेज करते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी ड्राइवर बबलू के खिलाफ नए आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ की अत्यंत गंभीर धाराओं और ‘पॉक्सो एक्ट’ के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार, 23 जून 2026 को सफदरजंग अस्पताल के शवगृह में डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा मृतका के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया, ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के साथसाथ अदालत में आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए पुख्ता फोरेंसिक सबूत जुटाए जा सकें। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद पीड़ित परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे, जिन्होंने दिल्ली में रोजीरोटी कमाते हुए अपनी सबसे बड़ी पूंजी यानी अपनी बेटी को हमेशा के लिए खो दिया है। देश के सर्वोच्च न्यायालय के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा पीड़ित बच्ची की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।



