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बिजी फोन, जुबान पर चेतन का नाम और एक ही जिद… केतन को सिया की हरकतों पर हुआ था शक, FIR में खुले नए राज

Ketan Siya Case Pune: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस ने यह साबित कर दिया है कि कभीकभी अपनों पर किया गया अंधविश्वास कितना भारी पड़ सकता है. इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, केतन और सिया प्रवीण गोयल की सगाई फरवरी 2026 में पुणे के ही एक प्रतिष्ठित होटल में हुई थी. यह रिश्ता दोनों परिवारों के कुछ करीबी रिश्तेदारों के जरिए तय हुआ था. लेकिन सगाई के बाद से ही केतन और सिया के रिश्तों में वो गर्मजोशी नहीं थी, जो एक नए जोड़े में होनी चाहिए. केतन लगातार सिया की गतिविधियों को लेकर परेशान चल रहा था.

बिजी फोन, जुबान पर चेतन का नाम और एक ही जिद… केतन को सिया की हरकतों पर हुआ था शक, FIR में खुले नए राज

FIR के अनुसार, सगाई के बाद जब केतन और सिया अक्सर एकदूसरे से मिलने और घूमने जाने लगे, तो केतन को सिया के व्यवहार में एक अजीब सा बदलाव महसूस हुआ. वह छोटीछोटी बातों पर केतन से बहस करने लगती थी. केतन ने इस बात को लेकर अपने परिवार से बारबार चिंता जताई थी.

उसने अपने मातापिता से यहां तक पूछा था कि क्या सिया के बैकग्राउंड की ठीक से जांचपड़ताल नहीं की गई है? हालांकि, उस समय परिवार ने उसे यह कहकर समझाया कि चूंकि रिश्ता बेहद करीबी और जानपहचान के रिश्तेदारों के माध्यम से आया है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है.

दिनरात फोन व्यस्त और चेतन चौधरी का नाम

शिकायत में केतन के पिता ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है. केतन अक्सर अपने परिवार को बताता था कि सिया का फोन हमेशा व्यस्त रहता है. वह जब भी बात करती थी, उसकी जुबान पर सिर्फ चेतन चौधरी का ही नाम रहता था. इसके साथ ही वह अजीबोगरीब तरीके से केतन से लगातार लोहागढ़ किला चलने की बात कहती रहती थी.

परिवार को उस समय सिया की ये बात सामान्य लगती थी कि शायद उसे वह ऐतिहासिक जगह पसंद आ गई है. रिकॉर्ड बताते हैं कि वे दोनों 31 मई और 14 जून को भी लोहागढ़ गए थे. लेकिन सिया किसी भी तरह केतन को एक बार फिर उसी पॉइंट पर ले जाना चाहती थी.

बर्थडे के बहाने मौत के सफर पर ले गई कातिल मंगेतर

घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 17 जून को सिया ने केतन को फोन किया. उसने जिद पकड़ ली कि 18 जून को उसका जन्मदिन है और वह अपना बर्थडे मनाने के लिए केतन के साथ लोहागढ़ किला जाना चाहती है. शुरुआत में केतन की मां इस सफर के सख्त खिलाफ थीं और वे नहीं चाहती थीं कि केतन जाए. लेकिन सिया के लगातार रोनेधोने और आग्रह करने पर परिवार ने आखिरकार उसे जाने की अनुमति दे दी.

अगली सुबह करीब 8:20 बजे केतन अपनी बाइक से घर से निकला. वह पुणेमुंबई राजमार्ग पर किवाले पुल के पास पहुंचा, जहां सिया उसका इंतजार कर रही थी. वहां से सिया को अपनी बाइक पर बैठाकर वह लोहागढ़ की ओर चल पड़ा, इस बात से पूरी तरह अनजान कि यह उसका आखिरी सफर है.

हादसे की खबर और पुलिस की वैज्ञानिक जांच

FIR के मुताबिक, उसी सुबह करीब 10:45 बजे सिया की मां ने केतन के परिवार को फोन पर एक खौफनाक सूचना दी. उन्होंने बताया कि केतन लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिर गया है. खबर मिलते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. जब तक केतन के परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक स्थानीय नागरिक और पुलिस बचाव कार्य में जुट चुके थे. भारी मशक्कत के बाद केतन को बाहर निकाला गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

शुरुआत में इस मामले को महज एक ट्रेकिंग दुर्घटना के रूप में देखा जा रहा था. लेकिन अंतिम संस्कार के बाद जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो परिवार का संदेह गहरा गया. फिलहाल, पुणे पुलिस की जांच एजेंसियां मोबाइल का डंप डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स , दोनों आरोपियों की लोकेशन हिस्ट्री और किले के पास लगे CCTV फुटेज खंगाल रही हैं. पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि वारदात के वक्त उस सुनसान पॉइंट पर कौनकौन मौजूद था. डिजिटल और तकनीकी सबूतों के आधार पर अब इस केस को फास्टट्रैक कोर्ट में ले जाने की तैयारी की जा रही है.

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