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सिर पर चोट, शरीर पर जख्म… लेकिन खामोश रहा शख्स, ब्रिटेन का यह केस बना रहस्य..

सिर पर चोट, शरीर पर जख्म… लेकिन खामोश रहा शख्स, ब्रिटेन का यह केस बना रहस्य..

लंदन। ब्रिटेन की टेससाइड क्राउन कोर्ट में दो वर्षीय बच्ची की मौत से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सुनवाई में है। इस मामले में बच्ची की 25 वर्षीय मां एलेक्जेंड्रा वॉकर और उसके 22 वर्षीय बॉयफ्रेंड हैरिसन सिम्पसन पर बच्ची के साथ लगातार दुर्व्यवहार, गंभीर शारीरिक प्रताड़ना और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों आरोपियों ने अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सितंबर 2025 में बच्ची को गंभीर चोटें पहुंचीं, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कोर्ट में बताया गया कि चिकित्सकीय जांच में बच्ची के शरीर पर बड़ी संख्या में चोटों के निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई हड्डियों के टूटने और गंभीर सिर की चोट का उल्लेख किया गया है।

इलाज में देरी के आरोप

अभियोजन पक्ष का दावा है कि बच्ची को चोट लगने के बाद समय पर चिकित्सा सहायता नहीं दिलाई गई। आरोप है कि कई मौकों पर उसकी चोटों को नजरअंदाज किया गया और डॉक्टरों से संपर्क करने में देरी की गई। अदालत में यह भी कहा गया कि बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन पर्याप्त चिकित्सकीय हस्तक्षेप समय पर नहीं हो सका।

स्वास्थ्य तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में

मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि बच्ची को पहले चिकित्सा जांच के लिए ले जाया गया था, जहां उसकी चोटों का पता चला था। हालांकि बाद में उसे घर भेज दिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिक्रिया और निगरानी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

एंबुलेंस बुलाने में देरी का आरोप

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद आपातकालीन सेवाओं को बुलाने में कथित रूप से देरी की गई। जब चिकित्साकर्मी मौके पर पहुंचे, तब बच्ची अचेत अवस्था में मिली। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।

कोर्ट में जारी है सुनवाई

मामले में घर के भीतर लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को अदालत में महत्वपूर्ण सबूत के रूप में पेश किया गया है। फिलहाल टेससाइड क्राउन कोर्ट में सुनवाई जारी है और अदालत सभी पक्षों के तर्कों एवं साक्ष्यों पर विचार कर रही है। मामले में अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।

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