
यूपी के मुजफ्फरनगर से दिल दहला देने वाला सामने आया है. जहां एक फैक्ट्री में कुछ मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था. एक मजदूर ने बताया कि उसे बेल्ट से बेरहमी से पीटा जाता था और खाने को सिर्फ नमक रोटी दी जाती थी. इस खुलासे ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है.
मुजफ्फरनगर में स्थित एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में 13 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था, जिन्हें अब पुलिस ने छुड़ा लिया है. बाहर आने के बाद मजदूरों ने बेहद ही चौंकाने वाला खुलासा किया है. बताया गया कि मजदूरों से 24 घंटे काम करवाया जाता था. खाने के लिए सिर्फ नमक रोटी और उन्हें जानवरों की तरह पीटा जाता था. इतना ही नहीं, उन्हे पिटबुल का खौफ दिखाया जाता था और कटवाने की धमकी दी जाती थी. चलिए जानते हैं पूरी कहानी.
कई राज्यों के मजदूरों को 2 साल से बनाया था बंधक
मुजफ्फरनगर जिले में स्थित दोना पत्तल फैक्ट्री में जब पुलिस ने छापेमारी की, तो उन्हें 13 बंधक मजदूर मिले, जिन्हें छुड़ा लिया गया है. बताया जा रहा है कि उन्हें करीब 2 सालों से कैद कर रखा गया था. एक मजदूर ने बताया कि उन्हें पैसों का लालच देकर यहां बुलाया गया. बोला गया कि सभी को 12000 रुपये महीना तनख्वाह, तीन टाइम भोजन और तीन टाइम चाय मिलेगी. लेकिन यहां आने पर सब झूठ मिला और उनसे 24 घंटे काम लिया जाने लगा. बंधक बनाए गए मजदूर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से थे.
काम ना करने पर बेरहमी से पीटा जाता था
मजदूर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि फैक्ट्री मालिक उन सभी मजदूरों पर जुल्म करता था. काम ना करने पर उन्हें लाठी-डंडे से पीटता था. कई बार तो बेल्ट से मार मारकर लहूलुहान कर देता था. इसके साथ ही सभी काम करने वाले मजदूरों के मोबाइल फोन और आधार कार्ड छीन लिए गए थे, जिससे वो किसी से भी संपर्क ना कर सकें.
पिटबुल का डर दिखाया जाता था
मजदूर ने बताया कि फैक्ट्री में पिटबुल नाम के कुत्ते को उनकी सुरक्षा में लगाया था, जो बेहद खतरनाक था. वह कई लोगों को बेरहमी से काट चुका था. जानकारी के मुताबिक वहां कई मजदूरों को बंधक बनाया गया था, जिसमें कई लोगों की मौत भी हो चुकी है.
पुलिस को क्या जानकारी मिली?
बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़ाने के बाद पुलिस ने फैक्ट्री की छापेमारी की. जहां उन्हें पिटाई के उपयोग किए जाने वाले डंडे, बेल्ट आदि सामान मिले. पुलिस ने बताया कि सभी मजदूरों के शरीर में जगह-जगह मारपीट के निशान हैं और सभी बहुत बुरी स्थिति में वहां फंसे हुए थे. इसके अलावा पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. और अब फैक्ट्री मालिक को खोजा जा रहा है.



