
लोकप्रिय म्यूजिक फेस्टिवल इस बार जश्न नहीं, बल्कि हिंसा और दहशत के कारण सुर्खियों में रहा. लाखों लोगों की भीड़ के बीच मारपीट, यौन अपराध और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं.
Festival Crime News: फ्रांस का मशहूर वार्षिक स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल Fete de la Musique इस साल उत्सव से ज्यादा विवादों और हिंसा की घटनाओं के कारण चर्चा में आ गया. लाखों लोगों की मौजूदगी वाले इस सांस्कृतिक आयोजन के दौरान देशभर में हिंसा, यौन अपराध, चाकूबाजी और लूटपाट की कई घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस को बड़े पैमाने पर कार्रवाई करनी पड़ी.
पेरिस में आयोजित इस ओपन-एयर म्यूजिक फेस्टिवल में लगभग 20 लाख लोग शामिल हुए. डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल यह आयोजन संगीत प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन इस बार कई इलाकों में हालात नियंत्रण से बाहर होते नजर आए. चश्मदीदों के अनुसार, कुछ जगहों पर माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि लोगों ने सड़कों की स्थिति को किसी आपदा जैसी बताया.
पेरिस के प्रमुख इलाकों में झड़पें और गिरफ्तारियां
रात बढ़ने के साथ राजधानी पेरिस के कई हिस्सों में अव्यवस्था फैलने लगी. भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में युवाओं के समूहों के बीच झगड़े हुए और राहगीरों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आईं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कुछ इलाकों में आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अकेले पेरिस में 148 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पूरे फ्रांस में गिरफ्तारियों का आंकड़ा 243 तक पहुंच गया. कई स्थानों पर वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, दुकानों में घुसने की कोशिश की गई और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान हुआ.
महिलाओं की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता
फेस्टिवल के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं विशेष रूप से चिंता का विषय रहीं. पुलिस को कई महिलाओं द्वारा अज्ञात पदार्थ वाली सीरिंज से इंजेक्शन लगाए जाने की शिकायतें मिलीं. कुछ मामलों में यौन हिंसा और दुष्कर्म के आरोप भी दर्ज किए गए. एक किशोरी और एक युवा महिला के साथ गंभीर अपराध की घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इसके अलावा एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया.
दूसरे शहरों में भी हुई हिंसा
डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक पेरिस के अलावा फ्रांस के अन्य शहर भी हिंसा से अछूते नहीं रहे. दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में दो अलग-अलग चाकूबाजी की घटनाएं सामने आईं, जिनमें घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है.
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस आयोजन के लिए हजारों पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए गए थे. महिलाओं और दिव्यांग दर्शकों के लिए विशेष सुरक्षित क्षेत्र भी बनाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई गंभीर घटनाएं सामने आईं. अब सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की रणनीति पर बहस शुरू हो गई है. यह घटना एक बार फिर बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियों को उजागर करती है



