
पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी से पूछताछ में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके लिए कई दिनों से सुनियोजित तैयारी की जा रही थी।
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सिया गोयल को इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि उसने ही चेतन चौधरी को हत्या के लिए प्रेरित किया और केतन को लोहगढ़ किले तक ले जाने की योजना बनाई। जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून को भी केतन को मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बच निकला। उस समय सिया ने कथित तौर पर घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी।
कई चरणों में बनाई गई थी हत्या की योजना
पुलिस जांच के अनुसार, सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए तीन अलग-अलग योजनाएं तैयार की थीं। इसकी शुरुआत 31 मई को हुई, जब सिया पहली बार केतन को लोहगढ़ किले ले गई और वहां एक खतरनाक स्थान को कथित तौर पर चिन्हित किया गया। 14 जून को पहला प्रयास असफल रहने के बाद 18 जून को दूसरी योजना को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि यह प्रयास भी विफल हो जाता, तो सड़क दुर्घटना के जरिए हत्या करने की वैकल्पिक योजना भी तैयार थी।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पूछताछ में सिया ने दावा किया कि उसने केतन को पहले ही अपने और चेतन के संबंधों के बारे में बता दिया था। उसने यह भी कहा था कि वह यह शादी नहीं करना चाहती, लेकिन केतन शादी तोड़ने के पक्ष में नहीं था। सिया के अनुसार, केतन का कहना था कि शादी तय हो चुकी है और उसे रोका नहीं जा सकता।
परिवार था प्रेम संबंध के खिलाफ
पुलिस को दिए बयान में सिया ने बताया कि उसके परिवार का मानना था कि केतन एक संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार से है, इसलिए उससे विवाह उसके भविष्य के लिए बेहतर रहेगा। दूसरी ओर, चेतन की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था। इसी वजह से उस पर शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
हत्या के दिन की गतिविधियां भी जांच के दायरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या वाले दिन चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहने थे। लोहगढ़ किले के प्रवेश द्वार पर मौजूद कर्मचारियों ने भी उसके व्यवहार को संदिग्ध बताया है। पुलिस के अनुसार, चेतन अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़कर गया था और किसी अन्य व्यक्ति का फोन साथ लेकर घटनास्थल पहुंचा था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न की जा सके।
परिवार को हुआ था संदेह
केतन की मौत के बाद उसके परिवार को सिया के व्यवहार पर संदेह हुआ। परिजनों का कहना है कि शोक व्यक्त करने के दौरान उसके जवाब और व्यवहार सामान्य नहीं लगे। इसके बाद परिवार ने पुलिस को अपनी आशंकाओं से अवगत कराया, जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई।
35 साल पुराने थे दोनों परिवारों के संबंध
केतन के दादा रामविलास अग्रवाल ने बताया कि गोयल परिवार से उनके रिश्ते करीब 35 वर्षों पुराने थे और दोनों परिवारों के बीच गहरा विश्वास था। उन्होंने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी कि परिवार की होने वाली बहू पर ही उनके पोते की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगेगा।
वहीं, केतन के पिता ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।



