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साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब! फर्जी APK ऐप के जरिए लोगों को बना रहे थे निशाना, करोड़ों यूजर्स का डेटा बरामद; पुलिस की कार्रवाई से हुआ चौंकाने वाला खुलासा.

साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब! फर्जी APK ऐप के जरिए लोगों को बना रहे थे निशाना, करोड़ों यूजर्स का डेटा बरामद; पुलिस की कार्रवाई से हुआ चौंकाने वाला खुलासा.

पुलिस के मुताबिक आरोपी WhatsApp ग्रुप, Telegram ग्रुप, Telegram Bot और APK विक्रय नेटवर्क के माध्यम से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे. पुलिस को सर्वर पैनल के लॉगिन क्रेडेंशियल और कई महत्वपूर्ण यूआरएल भी प्राप्त हुए हैं.

Mumbai Cyber Crime News: महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी APK फाइलों और मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक कर उनकी गोपनीय जानकारी चुराता था. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग डेटा और पीड़ितों की संवेदनशील जानकारी बरामद की है.

पुलिस के अनुसार आरोपियों से 11 मोबाइल फोन और 9 लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं. जांच में विभिन्न बैंकों, आरटीओ, महानगर गैस और अन्य संस्थाओं से संबंधित 999 APK फाइलें तथा डेटाबेस में 63 APK पैकेज नाम मिलने का खुलासा हुआ है.

आरोपी WhatsApp ग्रुप, Telegram ग्रुप, Telegram Bot और APK विक्रय नेटवर्क के माध्यम से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे. पुलिस को सर्वर पैनल के लॉगिन क्रेडेंशियल और कई महत्वपूर्ण यूआरएल भी प्राप्त हुए हैं.

लोगों के मोबाइल फोन हो जाते थे हैक

जांच में सामने आया कि फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करने के बाद पीड़ितों के मोबाइल फोन हैक हो जाते थे और उनके संदेश सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंच जाते थे. पुलिस को Google Firebase और Hostinger Server से लगभग 1.24 करोड़ SMS रिकॉर्ड प्राप्त हुए हैं.

इसके अलावा डेटाबेस से 8609 मोबाइल नंबर और पीड़ितों की अत्यंत गोपनीय जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, एटीएम नंबर, पिन, सीवीवी और यूपीआई संबंधी डेटा भी बरामद हुआ है.

साइबर जांच में मिले टिकटिंग पोर्टल और एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) के रिकॉर्ड के अनुसार देशभर में इस गिरोह से जुड़ी 3204 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं.

कितनी बताई जा रही ठगी की कुल राशि?

ठगी की कुल राशि 43 करोड़ 24 लाख 87 हजार 476 रुपये से अधिक बताई जा रही है. इनमें महाराष्ट्र की 771 शिकायतें और मुंबई की 123 शिकायतें शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में इस संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आई है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिए संबंधित राज्य पुलिस एजेंसियों को भी जानकारी भेजी गई है.

साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील

  • किसी भी अनजान मोबाइल नंबर या व्हाट्सएप से प्राप्त APK फाइल इंस्टॉल न करें.
  • अज्ञात स्रोतों से प्राप्त ZIP फाइलों को डाउनलोड या एक्सट्रैक्ट करने से बचें.
  • OTP, ATM PIN और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें.
  • साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें.

contact.satyareport@gmail.com

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