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Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में टिन्नू यादव समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ पुलिस में नामजद FIR दर्ज की गई है। इस मामले में अयोध्या पुलिस ने सभी नामजदों को गिरफ्तार कर लिया है। 

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में टिन्नू यादव समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

अयोध्या राम जन्म भूमि कोतवाली में दर्ज FIR में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा और अविनाश शुक्ला सहित आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR एसआईटी की  प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।  राम मंदिर चोरी मामले में आरोपी पाए गए 8 सभी लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी नामजद आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। 

चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तारियां शुरु

अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शामिल 8 आरोपियों में से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को अयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए चढ़ावे को गिनने का और निगरानी का काम करते हैं। 

अखिलेश यादव का निशाना 

भाजपा राज में नाइंसाफ़ी की दिखेगी ये झांकी
फुनगी को फाँसी, शाखाओं को मिलेगी माफ़ी!

जनता कह रही है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत साफ़ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फँसाना है, उसके बाद FIR हो रही है।

लगता है SIT को… pic.twitter.com/kleY4wdhTj

— Akhilesh Yadav June 25, 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट कर राम मंदिर ट्रस्ट अधिकारी और भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने लिखा, “बीजेपी के शासन में अन्याय का ऐसा नज़ारा देखने को मिलता है कि फफूंद को तो फांसी हो जाती है, जबकि बड़ी शाखाओं को माफ़ी मिल जाती है! जनता का कहना है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत मिटा दिए गए होंगे और यह तय कर लिया गया होगा कि किस बड़ी मछली को बचाना है और किसे फंसाना है, और उसके बाद ही FIR दर्ज की जा रही है। ऐसा लगता है कि SIT को पहले ही एक रिपोर्ट सौंप दी गई थी और जांच उसी के अनुसार की गई—यानी नतीजा पहले ही निकाल लिया गया था।

श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज  

चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है। 

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार धारा 306, 316 , 317 , 317 , 61 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामला कथित गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।  

इन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज 

  • रामशंकर यादव
  • लवकुश मिश्रा
  • अनुकल्प मिश्रा
  • अविनाश शुक्ला
  • मनीष यादव
  • रमाशंकर मिश्रा
  • सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
  • करुणेश पांडेय

अब धाराओं का मतलब समझें

धारा 306 चोरी, गबन या बेईमानी से संपत्ति का दुरुपयोग करने से संबंधित अपराध

bns की धारा 306 — यह धारा उन मामलो में लागू होती है जब कोई कर्मचारी  या घरेलू नौकर विश्वास का दुरपयोग करके अपने मालिक की संपत्ति चोरी करता है। 

यह धारा ऐसे मामलों से जुड़ी है, जहां किसी व्यक्ति को सौंपी गई संपत्ति या धन का बेईमानी से गलत इस्तेमाल किया जाता है। इसे आपराधिक न्यासभंग की श्रेणी में रखा जाता है।

धारा 316 आपराधिक न्यासभंग की गंभीर परिस्थितियां

ये अपराध उन मामलों पर लागू होती है, जहां विश्वास में दी गई संपत्ति के दुरपयोग या गबन से जुड़ा अपराध हुआ हो

धारा 317 धोखाधड़ी से संबंधित अपराध

ये धारा ऐसे मामलों में लागू होती है जहां किसी व्यक्ति को झूठे तथ्यों या छल के माध्यम से नुकसान पहुंचाया गया हो या संपत्ति हासिल की गई हो। 

धारा 317 गंभीर धोखाधड़ी के मामले

ये उपधारा बड़े स्तर पर या विशेष परिस्थितियों में की गई धोखाधड़ी सें संबंधित है। 

धारा 61 आपराधिक साजिश

जब दो या दो से ज्यादा व्यक्ति किसी गैरकानूनी कार्य को करने या कानूनी कार्य को गैरकानूनी तरीके से करने की योजना बनाते हैं तो ये धारा लागू होती है। 

धारा 3 साझा आपराधिक दायित्व

यदि कई लोग मिलकर किसी अपराध को अंजाम देते हैं, तो सभी को उस अपराध के लिए सामान रुप से जिम्मेदार माना जा सकता है।  यह धारा सामूहिक अपराध में जिम्मेदारी तय करने से संबंधित है।

इन लोगों के नाम आए सामने

एफआईआर में कई लोगों को नामजद किया गया है। इसमें टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के नाम शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में आठ से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है।

भगवान की अदालत में नहीं बचेंगे

अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अयोध्या प्रसाद ने एफआईआर में मंदिर समिति के महामंत्री चंपत राय और प्रबंध समिति में शामिल गोपाल राव का नाम नहीं होने पर कहा है कि सरकार भले ही इन गुनहगारों को बचा ले लेकिन भगवान की अदालत में यह नहीं बचेंगे। 

ट्रस्ट सदस्य का नाम नहीं शामिल

मुकदमें से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी में ये भी सामने आया है कि दर्ज FIR में ट्रस्ट के किसी भी सदस्य का नाम शामिल नहीं किया गया है। कार्रवाई पूरी तरह ट्रस्ट की शिकायत और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। 

रामजन्मभूमि कोतवाली में दर्ज हुई रिपोर्ट

पूरा मामला अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि कोतवाली में दर्ज किया गया है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है। मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य तिथि की जांच की जा रही है, ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति साफ हो सके। 

 

 

 

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